छपरा(सारण)। सरकार की बेरूखी से आक्रोशित जिले के सभी कार्यपालक सहायक एवं आईटी सहायक सेवा स्थायीकरण की मांग समेत विभिन्न मांगों को लेकर बिहार राज्य आईटी कर्मी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर दिनांक 03 अक्टूबर से दो दिवसीय सामुहिक अवकाश पर रहेंगे। फिर भी मांगे पुरी नहीं हुई तो 06 अक्टूबर से भूख हड़ताल करेंगे। इसबार कार्यपालक सहायक एवं आईटी सहायक अब आर-पार की लड़ाई के मूड में दिख रहे है। अपनी मांगों को पूरा करने को लेकर बिहार राज्य आईटी कर्मी संयुक्त संघर्ष मोर्चा मुख्यमंत्री, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन यानी बीपीएसएम के सचिव को चेतावनी दी है। जिसमें कहा है कि 03 और 04 अक्टूबर को सामुहिक अवकाश पर रहेंगे। सरकार द्वारा साकारात्मक पहल नहीं किया गया तो 06 अक्टूबर से भूख हड़ताल करेंगे। संघ की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री द्वारा राज्य के सभी संविदा कर्मियों के मानदेय में वृद्धि किये है। लेकिन बीपीएसम के तहत कार्यरत कार्यपालक सहायक व आईटी सहायकों के मानदेय वृद्धि अभी तक लंबित रखा गया है। संघ के नेताओं ने कहा है क बीपीएसएम के कर्मियों के साथ दोयम दर्जे के अनुसार व्यवहार किया है, जिससे सभी कार्यपालक सहायकों एवं आईटी सहायकों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा है कि पिछले 26 अगस्त को शासी परिषद की बैठक हुई थी, लेकिन उसमें कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कर्मियों ने कहा कि अपनी मांगों को पूरा करने के लिए लगातार ज्ञापन, धरना और अभ्यावेदन देकर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते रहे है। संघ के जिलाध्यक्ष निलेश कुमार ने कहा है कि सरकार समय रहते मानदेय पुनरीक्षण का निर्णय नहीं लिया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिसकी पूर्ण जवाबदेही बीपीएसएम के अधिकारियों एवं सरकार की होगी।
सभी विभागों के कार्यपालक सहायक व आईटी सहायक के हड़ताल पर जाने से कार्यो पर पड़ेगा असर
सभी विभागों में कार्यरत कार्यपालक सहायक व आईटी सहायकों के आंदोलन में रहने से सकरकारी कार्यो पर व्यापक असर पड़ेगा। सरकारी दफ्तरों में आईटी एवं कम्प्यूटीकरण समेत विभिन्न प्रकार का कार्य पुरी तरह बाधित हो जाएगा। जानकारी के अनुसार आईटी कर्मियों के हड़ताल से विधानसभा आम निर्वाचन, पंचायती राज विभाग का कार्य एवं प्रशिक्षण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आरटीपीएस, लोक शिकायत, पीएम आवास समेत विभिन्न सरकारी कार्यालयों के सभी प्रकार का कार्य प्रभावित हो जाएगा। संघ के नेताओं ने बताया कि मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
ये है प्रमुख मांगे:-
- राज्य कर्मी का दर्ज एवं वेतनमान दें
- सातवें वेतन आयोग के अनुशंसा के अनुरूप वेतन पुनरीक्षण
- पुर्ननियोजन की व्यवस्था, योग्यता का उन्नयन
- आकस्मिक निधन पर 40 लाख रूपये देने का प्रावधान
- स्थायी अपंगता पर न्यूनतम 25 लाख रूपये देने का प्रावधान
- अनुकम्पा के आधार पर आश्रित को सरकारी नौकरी का प्रावधान


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