- आरबीएसके टीम करेगी सहयोग
- जिले में चल रहा है 100 दिवसीय अभियान
- टीबी स्क्रिनिंग को लेकर सीएस ने जारी किया निर्देश
छपरा। सारण जिले में टीबी उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को और तेज कर दिया है। 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत अब हाई-रिस्क क्षेत्रों के साथ-साथ स्कूलों में भी 14 वर्ष से अधिक उम्र के छात्रों की टीबी स्क्रीनिंग की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य समय रहते संभावित मरीजों की पहचान कर संक्रमण पर नियंत्रण पाना है। टीबी उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे 100 दिवसीय अभियान के तहत लगातार सघन जांच और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। अब इस अभियान को और विस्तार देते हुए स्कूलों और आवासीय संस्थानों को भी शामिल किया गया है।
सिविल सर्जन ने दिया आवश्यक दिशा-निर्देश
सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि स्कूलों में पढ़ने वाले 14 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों की अनिवार्य रूप से टीबी स्क्रीनिंग कराई जाए। साथ ही, जिन बच्चों में टीबी के लक्षण पाए जाएं, उनकी जानकारी तत्काल स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई जाए और उनका इलाज सुनिश्चित किया जाए। इस अभियान में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीम भी सक्रिय रूप से सहयोग करेगी। यह टीम स्कूलों में जाकर बच्चों की जांच करेगी और आवश्यकतानुसार आगे की चिकित्सकीय प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी।
437 गांव हाई-रिस्क श्रेणी में शामिल
24 मार्च से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत जिले के 437 गांवों को हाई-रिस्क श्रेणी में चिन्हित किया गया है। इन गांवों में विशेष स्वास्थ्य कैंप लगाकर टीबी की व्यापक स्क्रीनिंग की जा रही है।टीम घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर रही है। उन्हें टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूक किया जा रहा है और जांच के लिए प्रेरित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, तपेदिक (टीबी) एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है और समय पर पहचान न होने पर तेजी से फैल सकती है।
टीबी के प्रमुख लक्षण:
• लगातार 2 सप्ताह से अधिक खांसी
• खांसी में बलगम या खून आना
• लगातार बुखार रहना
• रात में पसीना आना
• वजन का तेजी से कम होना
• भूख कम लगना
• कमजोरी और थकान महसूस होना
टीबी के कारण:
• टीबी बैक्टीरिया (Mycobacterium tuberculosis) से संक्रमण
• संक्रमित व्यक्ति के खांसने/छींकने से फैलना
• भीड़भाड़ और बंद जगहों में रहना
• कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली
• कुपोषण और अस्वस्थ जीवनशैली
बचाव के उपाय:
• खांसते या छींकते समय मुंह ढकें
• साफ-सफाई और वेंटिलेशन का ध्यान रखें
• पौष्टिक आहार लें
• टीबी मरीज के संपर्क में आने पर जांच जरूर कराएं
• समय पर इलाज और दवा का पूरा कोर्स करें
• बीसीजी टीकाकरण कराएं (बचपन में)
टीबी की जांच और इलाज पूरी तरह मुफ्त
सीडीओ डॉ. आरपी सिंह ने लोगों से अपील की है कि टीबी के लक्षण दिखने पर छिपाएं नहीं, बल्कि तुरंत जांच कराएं। सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच और इलाज पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है। यह अभियान न सिर्फ बीमारी की रोकथाम बल्कि समाज को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।


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