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कोरोना वैक्सीन को लेकर मीडिया वर्कशॉप का हुआ आयोजन

कोरोना वैक्सीन को लेकर मीडिया वर्कशॉप का हुआ आयोजन

  • संशय की कोई बात नहीं, वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित
  • जिला सहित राज्य भर में साइड इफेक्ट का कोई मामला नहीं
  • 9364 लाभुकों का निबंधन, 789 का टीकाकरण
  • अब मंगल व शनिवार को ही कोरोना का टीका

अररिया (बिहार)। शनिवार को स्थानीय प्रेस क्लब सभागार में कोरोना वैक्सीन को लेकर आयोजित मीडिया वर्कशॉप के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने देश व जिले में चल रहे कोरोना वैक्सीन अभियान के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। एक बार फिर दोहराया गया कि ये वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। लोग वैक्सीन के संबंध में किसी दुष्प्रचार या अफवाह में न फंसें। जिले ही नहीं बल्कि राज्य भर में कहीं से किसी प्रकार के साइड इफेक्ट का मामला सामने नहीं आया है। कार्यक्रम का आयोजन जिला स्वास्थ्य समिति के द्वारा किया गया था। बताया गया कि आयोजन में सीएफएआर यानी सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के अलावा केयर इंडिया, पीरामल फाउंडेशन व यूनिसेफ आदि का सहयोग रहा। मुख्य अतिथि सिविल सर्जन डा रूप नारायण कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से उदघाटन किया। अतिथियों का स्वागत सीएफएआर के प्रमंडलीय कॉर्डिनेटर ( कोविड ) पंकज कुमार झा ने किया। जबकि संचालन जिला पत्रकार संघ के सचिव अमित कुमार अमन ने किया। वहीं कार्यक्रम के समापन के पश्चात उपस्थित अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन सीएफआर के डिवीजनल कॉडिर्नेटर धमेंद्र कुमार रस्तोगी ने किया.

प्रथम चरण के टीकाकरण के लिए कुल 9364 लाभुकों का निबंधन:

इस अवसर पर कोरोना संक्रमण और इस से निजात पाने के लिए चलाए जा रहे वैक्सीनशन अभियान की जानकारी देते हुए एसीएमओ डॉ सीपी मंडल, जिला प्रतिरक्षण पादाधिकारी डॉ मो मोइज व डीपीएम रेहान अशरफ ने बताया कि कोरोना के संक्रमण की पहचान के लिए जिले में अभी भी जांच प्रक्रिया चल रही। साथ ही वैक्सीनशन का काम भी 16 जनवरी से शुरू हो चुका है। प्रथम चरण के टीकाकरण के लिए कुल 9364 लाभुकों का निबंधन कोविन पोर्टल पर हुआ है। इस में स्वास्थ्य विभाग के 3900, आईसीडीएस के 8618 और निजी चिकित्सा संस्थानों के 746 लाभुक शामिल हैं। चार दिन चले टीकाकरण के दौरान 1450 के लक्ष्य के विरुद्ध 789 लाभुकों ने टीका लगवाया है। इस उपलब्धि को अपेक्षा से कम मानते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि अन्य कारणों के अलावा एक कारण जागरूकता की कमी भी मुमकिन है। भ्रामक जानकारियों के कारण कुछ संशय भी है। लेकिन ये सारी बातें निराधार है। देश मे विकसित वैक्सीन को कई चरणों के ट्रायल से गुजरना पड़ा है। वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने दिन रात मेहनत कर वैक्सीन को तैयार किया है। इसके हर पहलू की गहरी छानबीन के बाद सरकारी स्तर से इसे मंजूरी मिली है। वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। वैक्सीन के पहले डोज के चार सप्ताह बाद उसी वैक्सीन का दूसरा डोज दिया जाना है। दूसरे डोज के 14 दिन बाद यानी कुल 45 दिन बाद ही शरीर कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार होता है। तब तक सारी सावधानियां हर हाल में बरतनी चाहिए। टीका लगाते समय ये सारी बातें लाभुकों को बताई जाती हैं। बेहतर तो ये है कि टीका लगवाने के बाद भी लोग तब तक मास्क, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी का पालन करते रहें जब तक वायरस पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। स्वाथ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि लोगों को इस बात पर विश्वास करना चाहिये कि कोरोना की वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। वैक्सीन के प्रति प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अपने अपने माध्यमों से जागरूक तो कर ही रहा है। लेकिन इस जागरूकता मुहिम में मीडिया की भूमिका भी बहुत अहम है। मीडिया कर्मियों से आह्वान किया गया कि वे लोगों को जागरूक करने में सक्रिय सहयोग दें, जैसा कि पोलियो सहित अन्य कार्यक्रमों में देते आये हैं।

किसी भी आपात स्थिति से निपटने की है तैयारी:

इस अवसर पर डीआईओ डॉ मो मोइज ने कहा कि हालांकि अब तक किसी प्रकार के साइड इफेक्ट का कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। सभी सेशन साइट पर आवश्यक दवाओं के साथ स्वास्थ्य कर्मी व चिकित्सक उपस्थित रहते हैं। ताकि ऐसा कोई मामला सामने आए तो तुरंत उसका सही उपचार हो सके। इस अवसर पर वैक्सीन कोल्ड चेन के जिला प्रबंधक शकील आजम, केयर की डिटीएल पर्णा चक्रवर्ती के अलावा विभिन्न समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के दर्जन भर से अधिक प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

चार सेशन साइट पर सप्ताह में दो दिन वैक्सीनशन:

कार्यशाला के दौरान दी गई जानकारी के मुताबिक अब केवल चार सेशन साइट पर कोरोना टीकाकरण होगा। लक्षित लाभुकों की संख्या पूरी होने के बाद मोहनी देवी रूंगटा अस्पताल और केयर हॉस्पिटल में कोरोना टीकाकरण बंद कर दिया गया है। बताया गया कि फिलहाल सदर अस्पताल, फारबिसगंज अनुमंडल अस्पताल, भरगामा और रानीगंज में ही टीकाकरण होगा। सरकारी निर्देशों का हवाला देते हुए बताया गया कि अब सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शनिवार को ही कोरोना का टीका लगाया जाएगा। यूं तो नौ हजार से अधिक लाभुकों की लाइन लिस्टिंग हो चुकी है, लेकिन फिलहाल फोकस संचालित चार सेशन साइट के लिए निबंधित शत प्रतिशत लाभुकों के टीकाकरण का है। ये संख्या चार हजार के आसपास है।

एलर्जी वाले लोग, गर्भवती व धात्री महिलाएं को फिलहाल टीका नहीं:

कोरोना वैक्सीन को लेकर हुई कार्यशाला के दौरान पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में जिला प्रतिरक्षण पादाधिकारी ने नए निर्देशों के हवाले से बताया कि वैसे लोग जिन्हें किसी दवा या अन्य चीज के एलर्जी होने की शिकायत है उन्हें फिलहाल कोरोना वैक्सीन नहीं लगायी जाएगी। साथ ही गर्भवती महिलाएं और बच्चों को दूध पिलाने वाली माताओं को भी ये टीका फिलहाल नहीं दिया जाएगा।

जिले को मिला है 11600 डोज, कोल्ड चेन पर है नजर:

कोरोना वैक्सीनी के पहले चरण के लिए जिले को कोविशील्ड वैक्सीन की 11हजार 600 डोज प्राप्त हुई है। ऐसी जानकारी देते हुए कोल्ड चेन प्रबंधक शकील आजम ने बताया कि एक वायल में 10 डोज होता है। सदर अस्पताल सेशन साइट को 148, भरगामा को 79, नरपतगंज को 112 और फारबिसगंज को 149 वायल वैक्सीन की आपूर्ति कर दी गई है। ये भी बताया गया कि सभी पीएचसी में आईएलआर उपलब्ध है। जिले में 10 कोल्ड चेन पॉइंट हैं। निगरानी के लिए विशेष पोर्टल है। ऑनलाइन नजर रखी जाती है। जिले से लेकर पटना व दिल्ली तक संबंधित अधिकारी इसकी जानकारी लेते रहते हैं। आईएलआर में किसी प्रकार की गड़बड़ी होने या तापमान के बढ़ने घटने पर तुरंत अपने आप एसएमएस अलर्ट ऑन हो जाता है। वहीं डीआईओ ने बताया कि कोरोना वैक्सीन को दो से आठ डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रखना है। वैक्सीन को जमने नहीं देना है। जम जाने पर इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

मीडिया के सहयोग से ही चुनौती का मुकाबला:

शनिवार को आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि सीएस डा आरएन कुमार ने कहा कि कोरोना वैक्सीन तैयार करने में सरकार का बहुत खर्च हुआ है। प्रधानमंत्री का पूरा सहयोग मिला। लेकिन वैक्सीन के प्रति लोगों को जागरूक करना बहुत बड़ी चुनौती है। 130 करोड़ लोगों के देश मे जागरुकता फैलाना इतना आसान नहीं है। यही दिक्कत पोलियो वैक्सीन के शुरुआती दौर में भी आई थी। उन्होंने कहा कि अगर मीडिया का पूरा सहयोग मिले तो इस चुनौती का मुकाबला करने में आसानी होगी। क्योंकि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। जिस देश की मीडिया मजबूत होती है वहां सत्ता भी पलट देती है।