नई दिल्ली, (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आने की आशंका जताते हुए कहा है कि हमें इसे लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने मंगलवार को कहा कि हम जब तीसरी लहर की बात करते हैं तो उसे मौसम की अपडेट के तौर पर देखते हैं, जो गलत है। उन्होंने कहा कि हम कोरोना की तीसरी लहर की गंभीरता और उससे जुड़ी अपनी जिम्मेदारियों के बारे में नहीं समझ रहे हैं। अग्रवाल ने कहा कि मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में कोरोना के केसों में इजाफा देखने को मिल रहा है।
इसके अलावा कुछ राज्य ऐसे भी हैं, जहां कोरोना के केसों में तेजी से गिरावट होने के बाद ठहराव की स्थिति आ गई है। ऐसे में इन राज्यों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। भारत सरकार की तैयारियों के बारे में बताते हुए अग्रवाल ने कहा, ‘हमने 11 राज्यों में केंद्रीय टीमों को भेजा है ताकि वे राज्य सरकारों की कोरोना मैनेजमेंट में मदद कर सकें। पूर्वोत्तर के राज्यों के अलावा महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, केरल और ओडिशा जैसे राज्यों में भी टीमों को रवाना किया गया है, जहां कोरोना केसों में तेजी देखने को मिल रही है।’ बता दें कि पर्ू्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना संकट को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सुबह मुलाकात की थी।
अब पीएम मोदी ने 16 जुलाई को महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के राज्यों समेत 6 मुख्यमंत्रियों से कोरोना पर बात करने का फैसला लिया है। हेल्थ मिनिस्ट्री की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान वीके पॉल ने कहा कि दुनिया कोरोना की तीसरी लहर का सामना कर रही है। हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि तीसरी वेव भारत में न आए। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी आज कहा है कि तीसरी लहर मुहाने पर है। हमें इसके बारे में यह बात नहीं करनी चाहिए कि इसके कब भारत आने की संभावना है बल्कि यह चिंता करनी चाहिए कि कैसे इसे लेकर सतर्कता बरती जा सकती है।
इससे पहले पीएम मोदी ने मीटिंग के दौरान कहा था, ‘मैं जोर देकर कहूंगा कि हिल स्टेशनों पर और मार्केट्स में बिना मास्क पहने और प्रोटोकॉल का पालन किए बिना भारी भीड़ का उमड़ना सही नहीं है। यह चिंता की वजह है। कई बार हम सुनते हैं कि लोग कहते हैं कि हम तीसरी लहर आने से पहले एंजॉय करना चाहते हैं। यह समझना जरूरी है कि तीसरी लहर अपने आप नहीं आएगी। कई बार लोग पूछते हैं कि तीसरी लहर से निपटने की आपकी क्या तैयारी है। आज हमें यह सोचने की जरूरत है कि तीसरी लहर को कैसे रोकना है। कोरोना ऐसी चीज है, जो खुद नहीं आती है। इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत है।’


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