जान की बाजी लगाकर 04 लाख नियोजित शिक्षकों को दिलवाऊंगा पूर्ण वेतनमान- प्रदेश अध्यक्ष
- सात सूत्री मांग पूरा नहीं होने पर जदयू-भाजपा के प्रत्याशी को हराने का लिया संकल्प
- सरकार के शिक्षक विरोधी नीति के खिलाफ 04 लाख नियोजित शिक्षक हैं आक्रोशित
राष्ट्रनायक प्रतिनिधि।
छपरा (सारण)। नियोजित शिक्षकों के बहुप्रतीक्षित माँग पूर्ण वेतनमान,राज्यकर्मी का दर्जा, सेवा शर्त सहित सात सूत्री मांगों को लेकर बिहार पंचायत-नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ सारण प्रमंडल की बैठक छपरा स्थित आर डी.एम डिग्री कॉलेज के सभागार में छपरा के जिलाध्यक्ष रबिन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई । बैठक का संचालन गोपालगंज के जिलाध्यक्ष प्रकाश नारायण व सिवान जिलाध्यक्ष बुलेट सिंह के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया । बैठक में सरकार के द्वारा सूबे के 04 लाख नियोजित शिक्षकों के सात सूत्री मांगों को पुरा नही किए जाने से आक्रोशित शिक्षकों ने वोट की लड़ाई का शंखनाद करते हुए आगामी चुनाव में जदयू-भाजपा के सभी प्रत्याशी के खिलाफ वोट देकर व दिलवाकर सरकार को धोखाधड़ी का मुंहतोड़ जबाब देने का संकल्प लिया । बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष आनंद कौशल सिंह ने कहा कि आगामी स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव से पूर्व सरकार को सूबे के सभी नियोजित शिक्षकों के सात सूत्री मांगों को पूरा करना ही होगा । उन्होंने कहा कि सरकार के शिक्षक विरोधी नीति के खिलाफ सूबे के 04 लाख शिक्षकों ने वोट की लड़ाई का शंखनाद कर दिया है । श्री सिंह ने कहा कि 04 लाख नियोजित शिक्षकों को जान की बाजी लगाकर पूर्ण वेतनमान दिलवाने संकल्प ले चुके है । साथ ही नियोजित शिक्षकों की सात सूत्री मांग को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो नीतीश सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिये चार लाख शिक्षक गोलबंद हो चुके है । उन्होंने शिक्षकों से एक जुट रहने का आह्वान किया । प्रदेश महासचिव रामचन्द्र राय व प्रदेश सचिव बिपिन बिहारी भारती ने कहा बिहार के सभी प्रारंभिक विद्यालय से लेकर उच्चत्तर विद्यालय के साढ़े चार लाख नियोजित शिक्षक व 50 लाख शिक्षक परिवार सरकार की दोरंगी नीति के खिलाफ चुनाव में एनडीए प्रत्याशी के विरोध में मत डालकर अपनी ताकत का एहसास कराने का मन बना लिए है। उन्होंने कहा कि सरकार के शिक्षक विरोधी नीति के खिलाफ वोट की लड़ाई प्रारंभ हो चुकी है । बैठक में उपस्थित छपरा के जिलाध्यक्ष रविन्द्र सिंह,गोपालगंज जिलाध्यक्ष प्रकाश नारायण व सिवान के जिलाध्यक्ष बुलेट सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि बिहार सरकार द्वारा लॉकडाउन के सामान्य स्थिति के बाद भी समन्वय समिति से वार्ता कर सात सूत्री मांग को पूरी नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है,जिसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। बैठक में आर.डी.एम डिग्री कॉलेज के संस्थापक मुखिया विनोद जी, रामानुज सिंह,विनोद कुमार सिंह,प्रकाश नारायण,फौजिया जी,अनिता झा,विश्वजीत सिंह चंदेल,,संतोष सुधाकर,हरि बाबा,अशोक कुमार सिंह,वीरेंद्र कुमार सहनी, कमलेशजी,नीरजजी,प्रभुदयाल प्रसाद,पंकज कुँवर, लखन प्रसाद,सुरेश कुमार यादव,सुनील सिंह,मृदुलचंद जी,दीपक कुमार सिंह, अभिषेक कुमार दूबे,सतीश कुमार श्रीवास्तव सहित दर्जनों शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित थे ।


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