राष्ट्रनायक न्यूज।
मांझी/सारण। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही मानव जीवन सफल हो जाता है तथा जो व्यक्ति सच्चे मन से समर्पित भाव से भगवान की आराधना करता उसका मानोकामना भी निश्चय पूर्ण होती है। उक्त बातें प्रखण्ड के ताजपुर फुलवरिया गांव स्थित दुर्गा मंदिर में चल रहे सात दिवसीय श्री शत चंडी महायज्ञ के प्रथम दिवस पर धामवृन्दावन से पधारी कथा वाचिका भागवत मंजरी राधिका दासी जी ने अपने मधुर वाणी से श्रोताओं को ईश्वर भक्ति का रसपान कराते हुए कही। उन्होंने कहा कि अहंकार प्राणियों का सबसे बड़ा शत्रु है वह व्यक्ति के मन व दिमाग से सोचने की शक्ति को खत्म कर देता है जिसके कारण मानव काम,क्रोध और लोभ के मद में भगवान को हृदय से भुला देता है। क्रोध के कारण इंसान गलत फैसले लेकर जीवन का मूल मार्ग छोड़ गलत रास्तो पर चलकर अपना पापकर्म बटोर लेता है और लोभ में फंसकर व्यक्ति अनैतिक कार्य करता है। यह भूल जाता है कि हमें फल भी वैसा ही मिलता है। मात्र ईश्वर भक्ति के मार्ग में मनुष्य एक कर्मयोगी के भांति हमेशा कर्म पर विश्वास रखता है व फल की इच्छा नहीं करता। जो व्यक्ति सही कर्म करता है। ईश्वर का हर समय स्मरण करता है। दूसरों की सेवा करता है। वह जीवन के अनंत लक्ष्य को प्राप्त कर लेता है। ईश्वर की भक्ति से मिले पुण्य मानव को प्रसाद समझकर ग्रहण करना ही मोक्षदायिनी होता है।
इससे पूर्व कथा वाचिका श्री राधिका दासी जी को मांझी विधान सभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी राणा प्रताप सिंह डब्लू सिंह, निरंजन सिंह, नवल शरणजी, मुखिया मनीष कुमार सिंह, धर्मेन्द्र समाज आदि गणमान्य लोगों ने पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। वहीं महायज्ञ के आचार्य अभय मिश्रा की देख रेख में यज्ञ स्थल पर पूरे विधि विधान से मंडप पूजा सम्पन्न कराया गया। आचार्य ने बताया कि मांझी के पवित्र सरयू नदी के तटीय क्षेत्र में देवीमयी माता की आराधना व शक्ति पूजा समस्त क्षेत्र वासियों के लिए विशेष शुभफलदायी होगा। महायज्ञ में समस्त ग्रामीणों का निःस्वार्थ सहयोग प्रशंसनीय है।


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