संजय कुमार सिंह। राष्ट्रनायक न्यूज।
बनियापुर (सारण)। वासंतिक नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालु भक्तों द्वारा श्रद्धा-भक्ति के साथ माता के दूसरे स्वरूप माँ ब्रम्हचारणी की पूजा-आराधना की गई।मुख्य बाजार स्थित गढ़देवी मंदिर परिसर में प्रातःकाल एवं संध्याकाल मे आरती और पूजन में स्थानीय लोग शामिल हो अपने को धन्य-धान्य कर रहे है।नवरात्र पूजा में अयोध्या से पधारे आचार्यों द्वारा अनवरत दुर्गा सप्तसती और लोक कल्याण हेतु विशेष तौर पर संपुट मंत्र का सस्वर पाठ की जा रही है।जो भक्तो के लिये आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
वही स्थानीय आचार्य चंद्रभूषण पांडेय एवं अन्य के सानिध्य में पूजन कार्य चल रहा है।आचार्य चंद्रभूषण पांडेय ने बताया की ब्रह्म’ शब्द का अर्थ है- तपस्या और ‘चारिणी’ का मतलब होता है- आचरण। मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली मां।इनकी पूजा करने से सभी काम पूरे होते हैं, रुकावटें दूर हो जाती हैं और विजय की प्राप्ति होती है। इसके अलावा हर तरह की परेशानियां भी खत्म होती हैं। देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की वृद्धि होती है।पूजा समिति के सभी सदस्य माता के दर्शन को,आने वाले भक्तो को किसी प्रकार की परेशानी न,हो को ध्यान में रख पूरी मुस्तैदी के साथ पूजा स्थल पर सक्रीय है।मंदिर परिसर में साफ-सफाई,लाइट साउंड आदि की भी मुकम्मल व्यवस्था की गई है।गढ़देवी मंदिर के बगल में ही स्थित हनुमान मंदिर को भी नवरात्रि के अवसर पर भब्य और आकर्षक ढंग से सजाया गया है।जिसकी छटा रात्रि प्रहर में देखते ही बनती है।


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