छपरा सदर(सारण)- शहर के कुछ विद्यालयों को इंटरमीडिएट परीक्षा की कॉपी जांच के लिए मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। सरकारी दावे के हिसाब से हर मूल्यांकन केंद्र पर प्रत्येक विषय के लिए एमपीपी की नियुक्ति की गई है । इस पद पर कार्यरत व्यक्ति को शिक्षक जो मूल्यांकन करके कॉपिया देंगे उनके अंक को जोड़ करके चढ़ाने का है। मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षक को जब इस बात की जानकारी हुई तो उन लोगों ने राहत की सांस ली चलो कुछ तो काम दूसरे के जिम्मे गया लेकिन जैसे ही ये लोग मूल्यांकन कार्य शुरू किए, पता चला कि एमपीपी का काम भी जो शिक्षक मूल्यांकन कार्य करेंगे उन्हीं को करना है। जी हां यह मामला है मिश्रीलाल आर्य कन्या उच्च विद्यालय छपरा मूल्यांकन केंद्र का । सरकारी दावे खोखले साबित हुए। एमपीपी की नियुक्ति तो हुई लेकिन वे योगदान नहीं किए। मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षक बार-बार केंद्र निदेशक से बोले तो केंद्र निदेशक ने यह कहते हुए हाथ खड़ा कर दिया कि हमारे पास एमपीपी योगदान नहीं किए है। हताश और मायूस शिक्षक के ऊपर एमपीपी का भी कार्य बढ़ गया।
क्या कहते है अधिकारी
जिनलोगों की नियुक्ति हुई है वे यो
गदान नहीं कर पाए है वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है जल्द ही एमपीपी योगदान कर लेंगे


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