भदई छठ पूजा पर विधी विधान से दिया गया अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य

मशरख(सारण) भदई छठपूजा (भादो महीने के शुक्ल पक्ष के षष्ठी तिथी) को लेकर सोमवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने को लेकर व्रतियों में सुबह से काफी उत्साह दिखा।कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सरकार द्वारा घोषित लाॅक डाउन से और मशरख प्रखंड क्षेत्र में भीषण बाढ़ के चलतें महिलाओं ने घरों पर ही अर्ध दिया। इस दौरान घर आँगन की साफ-सफाई की गई।साथ ही सुबह में पूजा की तैयारी एवं प्रसाद बनाने को लेकर व्रतियों के परिवार के महिला सदस्यों ने सुबह में ही स्नान-ध्यान कर शुद्धता और पवित्रता के साथ प्रसाद बनाने को लेकर पुरे विधि विधान के साथ दोपहर तक जुटी रही।

दोपहर बाद घर के आँगन में प्रसाद एवं अन्य पूजन सामग्री को व्यवस्थित कर बाँस के बने दौरा में सजाया गया। आपकों जानकारी के लिए बता दें कि भदई छठ पूजा में कार्तिक और चैत्र छठ के अनुरूप ब्रतियो की संख्या कम रहती है।इस वजह से घाटो पर जाने के वजाय व्रतधारी श्रद्धालुओ को आँगन में ही भगवान भाष्कर को अर्घ्य अर्पित करने में सहूलियत होती है।पर इस वर्ष कोरोना वायरस के चलते लाॅक डाउन और पिछ्ले एक महीने से प्रखंड क्षेत्र के ग्यारह पंचायतों में बाढ़ ने तबाही मचा रखा है।वही व्रतधारी लोगो को कोई परेशानी न हो को ध्यान में रख घर के पुरुष सदस्यों द्वारा साफ-सफाई आदि की माकूल व्यवस्था की गई ।ब्रत करने वाली महिलाओ ने बताया की सोमवार को अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य अर्पित की जाएगी।

वही मंगलवार को उदयीमान सूर्य को दूसरा अर्घ्य अर्पित कर व्रत का अनुष्ठान पूर्ण किया जाएगा।इधर फल,ईख,मिठाई आदि पूजन सामग्री की खरीददारी को लेकर बुधवार को सुबह से ही मुख्य बाजार मशरख सहित अन्य बाजारों में काफी चहल-पहल रही।हालांकि उमस भरी गर्मी में 36 घंटे का निर्जला उपवास रखने में व्रतियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।अमूमन इस बाढ़ और कोरोना के चलतें घरों पर अर्ध देने से व्रतियों को काफी राहत मिली।


More Stories
मुख्यमंत्री का अमर्यादित हरकत और शर्मनाक समर्थन
छपरा सदर प्रखंड के महाराजगंज पंचायत भवन में होगा विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन
प्रत्येक गुरुवार को जिलाधिकारी उद्यमियों के साथ करेंगे संवाद, उनकी समस्याओं को दूर करने के लिये एवं उद्यम विकास के लिये किया जायेगा सक्रिय सहयोग