गंगा, गंडक घाघरा व सोन की आक्रमकता से भयाक्रांत हैं सारण वासी
- गंगा 12 सेमी खतरे के निशान से ऊपर तो सोन 7 सेमी की रफ्तार से और घघरा भी खतरे के निशान के निकट प्रति घंटा जल विस्तार
राणा अखिलेश परमार।दिघवारा
नेपाली में अतिवृष्टि के कारण बाल्मीकि नगर बेराज से लगातार डिस्चार्ज हो 1,72 घन से वाटर डिस्चार्ज के साथ घट रहे बाढ़ के जल अब फिर से बढ़ रहें है। तो गंगा में 12 सेमी खतरे के निशान पार कर सारण के तटवर्तीय प्रखंड सोनपुर, दिघवारा, सदर प्रखंड को आक्रांत कर रही है। उधर सोन नदी के बाण सागर बांध से डिस्चार्ज 36,82 क्यूसेक जल 7 सेमी की रफ्तार से बढ़ता हुआ मृत्यु का तरल दूत खतरे के निशान को पार कर ही करना चाहता है। बहरहाल, गंगा – सोन के रौद्र रूप में सोनपुर प्रखंड के सबलपुर दियारा के दर्जन भर से अधिक घरों का गंगा लाभ हो चुका है और एक शिव मंदिर सहित करीब 50 घरों पर संकट मंडरा रहे हैं । तीनों नदियों की आक्रमकता से भयाक्रांत है, सारण वासी।
सोनपुर अनुमंडल सोनपुर अनुमंडल के दरियापुर प्रखंड का 90 प्रतिशत भू-भाग बाढ़ से प्रभावित है। दरियापुर प्रखंड मुख्यालय परिसर, पीएचसी मे बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। रेलवे चक्का कारखाना से नयागांव पथ पर दो फीट पानी फैल गया है और आवागमन बंद है। कोइला, ठहरा भाथा, कोचवारा, ठीका, मलाहीं, दरिहारा, सरैयां, मानूपुर, मनपूरा,पुरदिलपुर, हरिहर, महेशियां, सिसौनी, संझा, कोठियां,जितवारपुर, पूर्णाहीह, बलीटोला, बली छपरा, धनौती, सुल्तानपुर, भगवानपुर, अचलपुर, भरहापुर, सुआरा, फतेहपुर भगवानपुर में तेजी से बढ़ रहा है बाढ़ । हाँ दिघवारा- भेल्दी मार्ग पर बाइक व साइकिल सवारो का आना जाना बंद है किंतु बालू वाहक ट्रकों व ट्रैक्टरों का आवागमन जारी है । शीतलपुर- परसा मार्ग अभी सुरक्षित है और सुरक्षित है गड़खा-पैगम्बर पुर मार्ग किंतु वाहनों की संख्या में अचानक इजाफा से सड़कें जर्र जर्र होती जा रही हैं । सोनपुर प्रखंड के सबलपुर,राहर दिघवारा, हस्ती टोला करीब 7 पंचायतों में दो पंचायत प्रभावित है। सबलपुर पश्चिमी में भीषण कटाव रूकने का नाम नहीं ले रहा है, दर्जनों घर गंगा लाभ कर चुके है और लोग विस्थापित हो कर नगर पंचायत क्षेत्र में स्थापित हो रहे हैं । नयागांव, चतुरपुर, शेखडुमरी, गोपालपुर, बहेरवा गाछी, रसेनचक, डुमरी बुजुर्ग भरपुरा, शिवपुर परमानंद पुर, कल्याण पुर ,शिकारपुर में गंडक का पानी प्रवेश कर चुका है और गोपालपुर स्वीइलिश गेट खोल दिया गया । बहरहाल, गंडक का सैलाबी जल तेजी के दक्षिण की ओर बढ़ रहा है । दिघवारा प्रखंड के शीतलपुर बाबू टोला, शर्माटोला ,बस्ती जलाल, जानपर को प्रभावित करते हुए त्रिलोकचक व बरूआं पंचायत के बरूआं, रामदास चक, ठेकही पर, इशमेला, खाटटोला,केसरपुर में फैल रहा है। बहरहाल, गंगा व सोन का जलस्तर इसी प्रकार बढ़ता गया तो एनएच 19 पर नाव ही चलेंगे। नगर पंचायत से लेकर मानपुर ईशुपुर, नवलटोला, रामपुर आमी, मौजा आमी, मथुरापुर,बोधा छपरा, हराजी, झौवां जल मग्न हो जाएगा ।
सदर अनुमंडल सदर अनुमंडल का परसा प्रखंड के 90 प्रतिशत गांव बाढ़ की त्रासदी झेल रहें है। गड़खा प्रखंड के 40 प्रतिशत गांव चपेट में हैं। रिवीलगंज व मांझी का दियारा क्षेत्र गंगा व घाघरा के थपेड़े झेल रहे है। बहरहाल, गंगा, सोन व घाघरा की करालता बढ़ी तो अनुमंडल, जिला व प्रमंडल मुख्यालय छपरा भी जद हो होगा।
मढौरा अनुमंडल बाढ़ का आगाज़ तो मढौरा अनुमंडल के मशरक, पानापुर, अमनौर, मकेर में गंडक, माही, गंडकी के तेजी के साथ दाखिले से हुआ । किन्तु मढौरा, इशुआपुर, बनियापुर, एकमा, लहलादपुर अभी 80 प्रतिशत सुरक्षित हैं ।
खरीफ व सब्जियों की हो गई जलसमाधि सब्जी उत्पादक दरियापुर, परसा ,सोनपुर और सोनपुर दिघवारा, सदर प्रखंड के दियारा में लगी सब्जियों को निगल गया बाढ । धान का कटोरा चंवरा क्षेत्र, गोएंरा, कोइरार आदि में लगी खरीफ मक्का, उड़द, तिल, पटसन, मसुरिया, जोन्हरी आदि की जलसमाधि हो चुकी है और लोग छानकर मवेशियों को चारा खिला चुके है। बहरहाल, खाद्यान्न व पशुओं के चारे की समस्या अगले वर्ष तक रहेगी ही।


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