राष्ट्रनायक न्यूज

Rashtranayaknews.com is a Hindi news website. Which publishes news related to different categories of sections of society such as local news, politics, health, sports, crime, national, entertainment, technology. The news published in Rashtranayak News.com is the personal opinion of the content writer. The author has full responsibility for disputes related to the facts given in the published news or material. The editor, publisher, manager, board of directors and editors will not be responsible for this. Settlement of any dispute

बच्चों को है समझाना, बेवजह घर से बाहर नहीं जाना

बच्चों को है समझाना, बेवजह घर से बाहर नहीं जाना

  • अपने बच्चों को उनके रूचि के मुताबिक कार्यों में व्यस्त रखें
  • कोविड अनुरूप व्यवहारों का पालन करने के बारे में समझाएं
  • बदलकर अपना व्यवहार करें कोरोना पर वार

राष्ट्रनायक प्रतिनिधि।
छपरा (सारण)। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के रोक थाम के लिए प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के द्वारा तमाम प्रयास किये जा रहें है। इससे बचाव के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। आशा कार्यकर्ता क्षेत्र भ्रमण कर लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव की जानकारी दे रही है तथा कोविड के अनुरूप व्यवहारों को अपनाने के लिए भी प्रेरित कर रहीं है। इसी कड़ी में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहा है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने पोस्टर जारी कर बच्चों को विशेष देखभाल करने की सलाह दी है। कोरोना से बचाव के लिए कुछ जरूरी जानकारी साझा की गयी है। अनलॉक शुरू हो गया है। हालांकि अभी भी ज्यादातर जगहों पार्क और स्कूल बंद हैं। ऐसे में ज्यादातर बच्चों का वक्त घरों में ही बीत रहा है। बच्चों को बेवजह घर से बाहर नहीं जाने दें। उनके रूचि के मुताबिक कार्यों में व्यस्त रखें। इसके साथ बच्चो को कोविड अनुरूप व्यवहारों को अपनाने के लिए प्रेरित करें।

मोबाइल-कम्प्यूटर से रखें दूर:

कोरोनाकाल में बच्चे की मनपसंद किताबे दें। बच्चों को मोबाइल-कम्प्यूटर से दूर रखें। सिर्फ जरूरत पर ही इन वस्तुओं का इस्तेमाल कराएं क्योंकि इससे उनकी आंखों की रोशनी पर फर्क पड़ सकता है। नजर कमजोर हो सकती है। कसरत कराएं। सुबह व शाम को छत या खुले स्थान पर टहलायें। योग कराएं। बच्चे में किसी भी तरह की परेशानी नजर आने पर चिकित्सक से काउंसिलिंग कराएं।

बच्चों से नियमित रूप से बात करें:

सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने कहा बचाव और रोकथाम के तरीकों को लेकर बच्चों से नियमित रूप से बात करें। यह उनका आत्मविश्वास बढ़ाएगा और घर में रहने की फिलहाल की जरूरत भी समझ आएगी। अगर बच्चा गलत व्यवहार करे, तो बहुत गुस्सा न करें। उनके व्यवहार के पीछे का कारण तलाशें, क्योंकि यह घर में रहने की निराशा भी हो सकती है। उन्हें सजा देने की बजाए बात करें और बताएं कि गलत व्यवहार के क्या परिणाम हो सकते हैं। अन्य माता-पिताओं या बच्चों के साथ ऑनलाइन बातचीत भी कर सकते हैं, ताकि बच्चे जुड़े हुए महसूस करें।

इन बातों को अपने व्यवहार में करें शामिल :

• नियमित रूप से साबुन से हाथ धोते रहें
• बिना मास्क या फेस कवर के घर से बाहर न निकले
• छींकते समय हमेशा रुमाल या फिर अपनी बाजू का उपयोग करें
• बिना हाथ धोए अपने चहरे को छूने से बचें
• किसी से बात करते समय कम से कम 6 फीट की दूरी बनाएं रखें
• किसी से हाथ मिलाने से परहेज करें
• एक दूसरे को अभिवादन करें