गड़खा सीएचसी में बदहाली को देखते हुए चिकित्सा प्रभारी को स्थानांतरण करने और करवाई करने की मांग की गई
राष्ट्रनायक प्रतिनिधि।
गड़खा (सारण)। समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गड़खा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी एवं अन्य मामले को लेकर गड़खा थाना क्षेत्र के विशंभरपुर निवासी सह समाजिक व जनहित याचिकाकर्ता अनुज कुमार सिंह ने बिहार स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखा है। जिसमें कहा है कि गड़खा सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सर्वजीत कुमार सन 2011 में संविदा पर आए और 2016 में इनका परमानेंट हो गए। खास बात यह है कि 2011 और 16 के बीच अस्पताल के आंख मिचौलीयों का गहरा सम्बन्ध होता चला गया। सन् 16 में अस्पताल के प्रभारी नियुक्त हो गए।यह चिकित्सक दम्पति मिलकर अपनी गड़खा में निजी अस्पताल चलाने लगे। जिसके कारण सरकारी सीएचसी एक सेंटर बनकर रह गया। इनका निजी अस्पताल के प्रचारक के रूप में दूसरी बात यह है कि खास राजनीतिक पार्टी से गुप्त मेल मिलाप कर उस पार्टी से जुड़े व्यक्तियों को लाभ पहुंचाया जाता है तथा इनके द्वारा गलत गतिविधि वाले लोगों से भी सांठगांठ हो चुका है। यह अस्पताल में रहे या ना रहे कोई आवाज नहीं उठाता। सदर अस्पताल की सीएस द्वारा स्पष्टीकरण मांगा गया इनके द्वारा जवाब भी मिल गया। माननीय प्रभारी महोदय के इशारे पर कुछ खास व्यक्ति को कार्य करने का निर्देश दिया गया है। जो उनके कार्यक्षेत्र में न रहते हुए भी उम्र प्रमाण पत्र बनाया गया।जिसके विरुद्ध लोक शिकायत पदाधिकारी के पास विशंभरपुर निवासी कृष्णा प्रसाद द्वारा एक वाद दायर हुआ।जिसमें जिला पदाधिकारी के आदेश पर गड़खा थाना कांड संख्या 731 और 732 वर्ष 2019 दर्ज की गई। परन्तु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सर्वजीत कुमार पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। यह शिकायत देने के बाद मुझे भी राजनीतिक साजिश से फंसाने की कोशिश की जाएगी। पत्र की छाया कॉपी बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति जिला पदाधिकारी एवं जिला सिविल सर्जन सारण को भेजा गया।


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