बिहार संवाद यात्रा में शामिल गांधीवादी विचारकों का किया स्वागत
- शहीद दिवस पर संवाद सभा का हुआ आयोजन
- महात्मा गांधी के सत्य व अहिंसा के विचार आज भी प्रासंगिक: डॉ. राजेंद्र सिंह
छपरा (प्रो. ए. के. सिंह/ अमित सिंह/ वीरेश सिंह)। शहीद दिवस के अवसर पर भारत पुनर्निर्माण अभियान के तत्वावधान में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जन्मभूमि सिताब दियारा से शुरुआत हुई। बिहार संवाद यात्रा में शामिल समाजसेवियों व पर्यावरणविदों का दल शनिवार को अपराह्न बाद एकमा क्षेत्र में स्थित रामाधार सिंह टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज परिसर में पहुंचा। यहां पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत इस यात्रा में शामिल पर्यावरणविद डॉ. राजेंद्र सिंह व गांधीवादी विचारक मनोहर मानव सहित दल में शामिल सभी सदस्यों का शिक्षाविद, पूर्व एमएलसी प्रत्याशी व बीएड कॉलेज के सचिव ई जय प्रकाश सिंह के द्वारा स्वागत किया गया। इस मौके पर इस टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के सभागार में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की शहादत दिवस समारोह व संवाद सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पर्यावरणविद डॉ. राजेंद्र सिंह व गांधीवादी विचारक मनोहर मानव ने संयुक्त रुप से दीप जलाकर किया। इस मौके पर भारत पुननिर्माण अभियान से संबंधित पुस्तक का लोकार्पण किया गया। संवाद सभा की अध्यक्षता कार्यक्रम के आयोजक सह स्वागतकर्ता इंजीनियर जयप्रकाश सिंह ने किया।
बिहार की भूमि को काफी उपजाऊ:
संवाद सभा को संबोधित करते हुए पर्यावरणविद जल पुरुष डॉ राजेंद्र सिंह ने बिहार की भूमि को काफी उपजाऊ बताया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिर्वतन का संकट, बाढ सहित नदियों की त्रासदी बिहार के लोग झेलने को विवश होते हैं।
गंगा नदी का जल बिहार नहीं पहुंचता:
गंगा नदी का जल बिहार तक नहीं पहुंच पाता है। अगर पहुंचता है तो वह यूपी व उतराखंड के फैक्ट्रियों का कचरा व नाले का पानी ही होता है। बावजूद इसके आश्चर्य है कि इस विषय पर कभी किसी ने आवाज नहीं उठाई।
भारत ग्लोबल टीचर रहा है:
उन्होंने कहा कि हमारा देश ग्लोबल टीचर रहा है। लेकिन यह तभी तक रहा, जबतब यहां नीर यानी नदी के प्रवाह और नारी यानी माता का सम्मान होता रहा।
जलवायु परिवर्तन का जल से गहरा संबंध:
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन का जल से काफी गहरा संबंध है। इस बात को मैंने विश्व के विभिन्न देशों के व्याख्यानों के माध्यम से बताया है। जिसे विश्व के विशेषज्ञों ने माना भी है।
सूरज करता है जल की चोरी:
उन्होंने जल संचयन के लिए अपने अनपढ़ किसान गुरु से मिले ज्ञान की चर्चा करते हुए कहा कि सूर्य धरती से पानी की चोरी करता है। सूर्य से इस चोरी को बचाने के लिए राजस्थान में प्रयोग करके मैंने काफी बेपानी क्षेत्र को पानीदार बनाकर खेतीबाड़ी शुरू करायी है।
बीएड कॉलेज के शिक्षकों के लिए उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने वर्तमान को जानकर अपना भविष्य बेहतर बनाने के लिए कार्य करता है।
गांधीजी सत्य को ही भगवान मानते थे:
महात्मा गांधी की शहादत दिवस पर अपनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि गांधीजी सत्य को ही भगवान मानते थे। उनका मानना था कि अहिंसा के रास्ते पर चलकर ही सत्य रुपी भगवान की प्राप्ति संभव है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के सत्य व अहिंसा के विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
यात्रा पूरे देश में चार वर्षों तक चलेगी:
डॉ. सिंह ने कहा कि वातावरण निर्माण के लिए शुरुआत हुई यह यात्रा पूरे देश में लगभग चार वर्षों तक चरणबद्ध ढंग से चलेगी। इस दौरान संग्रहित अनुभवों के आधार पर ही पर्यावरण व जल संरक्षण हेतु साकारात्मक पहल होगी। धन्यवाद ज्ञापन राघव पांडेय ने किया।
इन्होंने भी संवाद सभा को किया संबोधित:
संवाद सभा को गांधीवादी विचारक मनोहर मानव, स्मृति राज, प्रदीप प्रियदर्शी, कोमी एकता परिषद के सचिव मौलाना शाहिन, सिद्धार्थ, दीपक, राहुल राज आदि ने संबोधित किया।
वहीं कार्यक्रम में राजीव कुमार शर्मा, प्रो इंद्रमणि तिवारी, प्रो सपना सिंह, प्रो. सत्यप्रकाश यादव, प्रो प्रवीण यादव, प्रो राजगृह सिंह, भूपेन्द्र प्रसाद सिंह, डॉ सत्यदेव प्रसाद यादव, कामरेड अरूण कुमार, शिक्षक नेता अरविंद कुमार, वीरेंद्र यादव, गौरव सिंह किशन, अमित सिंह, नागेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।


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