पंकज कुमार सिंह। राष्ट्रनायक न्यूज।
मशरक (सारण)। अच्छी खबर हैं कि कोरोना संक्रमित एएनएम और जीएनएम ने 14 दिनों में कोरोना को हरा फिर से ड्युटी पर तैनात हो गई हैं। मशरक पीएचसी में कार्यरत जीएनएम पुजा मणी पटना अनिशाबाद और एएननम निशा कुमारी गांव मणियारी जिला मुजफ्फरपुर,प्रतिमा कुमारी गांव मोथा जिला अरवल, कुमारी अर्चना सिंह कुरथल जिला पटना निवासी ड्यूटी पर सर्दी खांसी बुखार के लक्षण आने पर अपनी जांच करायी तों रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ गई। सभी ने दवा और मेडिकल सुझाव लेकर होम क्वारेटाइन हो गई।14 दिनों बाद जब जांच करायी गई तों सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद सभी ने बातचीत करते हुए बताया कि कोरोना से डरे नहीं, बिना किसी डर से कोरोना को हराना हैं। उन्होंने कहां कि पीएचसी में वैक्सीन देने और कोरोना जांच में ड्यूटी प्रतिदिन लगती थी जैसी ही जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो सभी चौंक गई, मैने बिना किसी डर के कोरोना का सामना किया। उन्होंने कहा कि मैं मशरकवासियों को कहना चाहती हूं कि कोरोना से डरने की जरूरत नही हैं। मैं भी सामान्य ही हूं। हां, आपको सतर्कता जरूरी रखनी होगी।एएनएम निशा कुमारी ने कहा कि मैं कोरोना संक्रमित होने के बाद भी मुझे कोरोना को लेकर मन में डर नहीं था, इसलिए मैंने जल्द ही कोरोना को हरा दिया। अस्पताल में भर्ती होने के बाद मैंने मेरे मोबाइल में योग का एक एप्प डाउनलोड कर लिया। इस एप्प की हेल्प से मैं सुबह-शाम दो-दो घंटे योग करती रही। जिसकी बदौलत पॉजिटिव आने के बाद भी मेरे शरीर में कोरोना का लक्षण तक नहीं आया। वहीं प्रतिमा कुमारी ने बताया कि कोरोना खतरनाक हैं कि इसको लेकर सतर्क रहना जरूरी हैं। संक्रमित होने के बाद मन में कई तरह का भय और चिंता सताने लगा था घर पर जाना मुश्किल था क्यूंकि घर में बच्चे और पति थें।वही मानसिक रूप से तनाव बढ़ गया था।14 दिन होम क्वारेटाइन रहकर दवाएं और औषधी काढ़ा पीने के बाद स्वस्थ हुई। एएनएम अर्चना सिंह ने बताया कि कोरोना से डरने का नहीं हैं,बल्कि उससे मुकाबला करने का है। काेविड के गाइडलाइंस, दृढ़ इच्छा शक्ति और आत्मबल से इस बीमारी के जंग से जीता जा सकता है। योग, प्रणायाम और पौष्टिक आहार से मनुष्य के शरीर में इम्नुनिटी पावर बढ़ता है। वहीं कोविड जांच केन्द्र के लैब टेक्नीशियन धर्मेंद्र सिंह भी पिछले महीने कोरोना से ग्रसित हुए थे, लेकिन इस सत्र में निगेटिव होकर फिर से दोगुने उत्साह के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।जीएनएम पूजा मणी बताती है कि वे मानव की सेवा कर रही है, उनके लिए मानव सेवा ही सर्वोपरि है।और उन्हें जिंदगी और मौत की इस लड़ाई में जिंदगी देने का प्रयास में लगी हुई है। वे कहती है कि संक्रमण के इस दौर में वे इससे बचने का प्रयास करती है, ताकि लगातार दूसरा की सेवा कर उन्हें इस महामारी से बचा सके। इस क्रम में वे खुद का भी ख्याल रख रही है। वे कहती है कि कोविड से बचने के लिए बस एक चीज का ख्याल रखा करती है कि जो मास्क उन्होंने एक बार ड्यूटी पर पहुंचते हुए डाला, उसे वे खोलती नहीं है। ड्यूटी ऑफ होने के बाद ही बाहर निकलते वक्त उस मास्क को निकालती है। बार- बार हाथ काे सैनिटाइज करती रहती है। जिस कारण वे अभी तक संक्रमण की चपेट से बचकर लोगों की सेवा कर रही है।


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