संजय कुमार सिंह। राष्ट्रनायक न्यूज।
बनियापुर (सारण)। लोक महाविद्यालय हाफिजपुर में शुक्रवार को भी कार्य बहिष्कार जारी रहा। धरना पर बैठे शिक्षकों ने बताया कि किसी भी पद पर नियुक्ति के लिए विश्विद्यालय की अनुमति आवश्यक है। फिर अनुमति के आलोक में विज्ञापन व नियुक्ति की पारदर्शी प्रक्रिया अपनाना होता है। जबकि लोकमहाविद्यालय में सात लिपिकों की नियुक्ति की जानकारी किसी को भी नहीं है।प्राचार्य द्वारा अबतक छात्रहित में भी कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है। जांच के बाद कई वित्तीय अनियमितता सामने आ सकती है। अनियमितता और शिक्षकेत्तर कर्मियों से दुर्व्यहार से दुखी कर्मियों ने मंगलवार को एक बैठक कर आंतरिक जांच कमिटी भी बनाई है। जिसका अनुमोदन अभी बाकी है। शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों की कार्य बहिष्कार के बाद सैकड़ो छात्रो को महाविद्यालय से बैरंग लौटना पड़ा। इस सम्बंध में लोक महाविद्यालय हाफीजपुर के प्राचार्य डॉ. पीएन चौधरी ने बताया कि सभी आरोप बेबुनियाद है। नियुक्ति का अधिकार शासी निकाय को है। इसमें प्राचार्य की कोई भूमिका नहीं है। योग्य कर्मियों से कोई भी काम लिया जा सकता है। शिक्षकों का धरना व कार्य बहिष्कार अवैधानिक है। पूर्व में नियुक्त दर्जनों कर्मी अहर्ताधारी भी नहीं है। महाविद्यालय के सही संचालन को बाधित करने के उद्देश्य से इस तरह की धरना प्रदर्शन किए जा रहे हैं। धरना में शामिल होने वालों में प्रो. सुरेंद्र तिवारी, प्रो. शम्भूनाथ सिंह, प्रो. कबिन्द्र नाथ ओझा, प्रो. विक्रमा राय, प्रो. कृष्णकांत राय, प्रो. अखिलेश उपाध्याय, प्रो. सुबास सिंह संजय कुमार ओझा, अनिल कुमार सहित सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी मौजूद थे।


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