संजय कुमार सिंह। राष्ट्रनायक न्यूज।
बनियापुर (सारण)। पुत्र के दीर्घायु एवं स्वस्थ्य जीवन की कामना के साथ बुधवार को धूम- धाम के साथ महिलाओ ने जीवित्पुत्रिका व्रत (जिउतिया) को लेकर व्रत का अनुष्ठान किया। नदी एवं जलाशयों पर पहुँच महिलाओं ने स्नान-ध्यान कर पितरो को प्रसन्न करने की लिये तेल-खरी भी अर्पण किया।साथ ही पूर्व काल के राजा जिमुतवाहन की कुशनिर्मित मूर्ति मिट्टी के वर्तन में स्थापित कर पूजा की गई।आचार्य पंडितों की माने तो आश्विन महीने के कृष्ण पक्ष के अष्टमी तिथि को निर्जला उपवास रहने के बाद नवमी तिथि में पारण करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। पारण के दिन (मातृनवमी) अपने माता के हाथ से बने भोज्य पदार्थ खाने से पुत्र दीर्घायु और सौभाग्यशाली होते है। हालांकि सुबह में बादल छाए रहने से मौसम सुहाना रहा। मगर दिन चढ़ने के साथ ही गर्मी बढ़ने से निर्जला उपवास रहने को लेकर महिलाओ को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। चंद्रावती देवी, बच्ची देवी, कौशल्या देवी, कलावती देवी, मीरा देवी सहित कई बुजुर्ग महिलाओ ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया की प्रायः जिउतिया के दिन वारिस होती है।जिससे मौसम सुहाना बना रहता है, और व्रतधारी महिलाओ को राहत मिलती है। मगर इस वर्ष मौसम के प्रतिकूल होने और उमस भरी गर्मी को लेकर व्रती पूरे दिन हलकान रहे। हालांकि नियमित बिजली आपूर्ति होने से व्रतधारी महिलाओं ने राहत की सांस ली।


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