राष्ट्रनायक न्यूज।
अमनौर (सारण)। प्रखण्ड-अमनौर में कृषि समन्वयकों से मुलाकात करना किसानों के लिए बहुत बड़ी चुनौती बन गई है. सारण जिले में लगभग डेढ़ माह पूर्व सभी कृषि समन्वयकों का तबादला विभिन्न पंचायतों में किया गया। अमनौर प्रखण्ड के विभिन्न पंचायतों में भी अलग-अलग प्रखंडों से नए कृषि समन्वयक आए हैं। लेकिन जो भी नए कृषि समन्वयक इस प्रखण्ड में आए हैं उनमे ज्यादातर अभी तक अपने-अपने पंचायतों में किसानों से मुलाकात तक नहीं किए हैं। कुछ कृषि समन्वयक आते तो हैं लेकिन सिर्फ़ प्रखण्ड कृषि कार्यालय में ही बैठकर समय बीता कर चले जाते हैं। पंचायत कृषि कार्यालय में ये लोग आजतक नहीं गए हैं। पंचायत कोरेया, तरवार एवं मदारपुर के कृषि समन्वयक श्री सुमन संजीव जब से अमनौर प्रखण्ड में आए हैं तब से तीनों पंचायतों के किसान उनको ढूंढ रहे हैं। लेकिन वो पंचायतों में जाना अपनी तौहीन समझते हैं. किसानो का कहना है कि रबी मौसम 2021 में प्रत्यक्षण योजनाओं का लाभ लेने के लिए कृषि समन्वयक से मिलना बेहद जरूरी है लेकिन उनका दर्शन दुर्लभ है। कृषि समन्वयक आजतक मेरे गाँव में नहीं आए हैं। कोई भी किसान गोष्ठी उनके द्वारा अभी तक नहीं की गई है। फसल क्षति का आजतक किसानवार एवं ग्रामवार सूची भी तैयार उनके द्वारा नहीं की गई है जिसके कारण कृषि इनपुट अनुदान वितरण में भी बड़ी समस्या उत्पन्न होने वाली है। अभी NFSM-Oil Seeds योजना में राई प्रत्यक्षण मिनीकीट का वितरण प्रखण्ड के ई. किसान भवन, अमनौर से सभी पंचायतों के लिए किया जा रहा है लेकिन इस कार्यक्रम में भी कृषि समन्वयक एक भी दिन दिखाई नहीं दिए. किसानों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो हमलोग इसकी शिकायत DM से करेंगे।


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