संजय कुमार सिंह। राष्ट्रनायक न्यूज।
बनियापुर (सारण)। शारदीय नवरात्र के अवसर पर कटसा स्थित बाबा कोटेश्वरनाथ मंदिर परिसर में प्रवचन पाठ का आयोजन किया गया है। तीन दिनों से चल रहे प्रवचन पाठ का श्रद्धालु भक्त आनन्द उठा रहे हैं। श्रीराम कथा के तीसरे दिन युवा प्रवाचक राजू जी उर्फ राजेश जी महाराज ने राम भारद्वाज संवाद, राम वाल्मीकि और भरत चरित्र की कथा का श्रवण करवाया। प्रवाचक ने कहा कि भरत का चरित्र अगाध प्रेम से सराबोर था। जिसकी व्याख्या करने में बड़े-बड़े मुनियों की बुद्धि भी छोटी पड़ जाती है। भरत का राम के प्रति प्रेम पूरे संसार में अनुकरणीय है। वर्तमान समय में जब भाई-भाई के बीच तकरार बढ़ रही है। भरत का उपदेश हमें परिवार बचाने की शिक्षा देता है। महाराज जी ने कहा कि कुछ समय के लिए कैकेयी ने पुत्र प्रेम में अंधी होकर यह निर्णय लिया। लेकिन भरत ने अपने पर नियंत्रित ही रखा। भरत ने कहा जब बड़ा भाई जंगल में कष्ट भोग रहा हो और माता सीता नंगे पांव कांटो पर चल रही हो, तो मैं कैसे राज सिंहासन पर बैठ राजसूख का आनन्द ले सकता हूं। यह कैसे उचित हो सकता है। इससे संसार में गलत शिक्षा जाएगी। भरत ने रामजी के पास जाने का निर्णय लिया। भरत ने कहा कि मैं श्रीराम चन्द्र को राज्य लेने के लिए मनाऊंगा। अब भाई-भाई के बीच ऐसा प्रेम नजर नहीं आता है। अब रिश्तों में भावुकता खत्म हो गई है। पहले जैसा अपनापन नहीं रहा है। कथा के बाद प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन दुर्गा पूजा समिति द्वारा किया जा रहा है। समिति के सदस्यों ने बताया कि प्रवचन पाठ नौ दिनों तक चलेगी। मौके पर पूजा समिति के सदस्य भूपेश ओझा, नवीन सिंह, राकेश सिंह, अमित सिंह, रोहित कुमार, रविशंकर के अलावें शम्भू कुमार त्रिपाठी व आचार्य ब्रज भूषण पांडेय मौजूद थे।


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