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कंगारू मदर केयर नवजात शिशुओं के लिए साबित होता है वरदान

  • बदलते मौसम में विशेष देखभाल की होती है जरूरत:
  • नवजात शिशुओं के शरीर का तापमान नियंत्रित करने की होती है जरूरत: सिविल सर्जन
  • कंगारू मदर केयर में कमजोर नवजात शिशुओं का बढ़ता है वजन: अस्पताल प्रबंधक

पूर्णिया, 29 नवंबर।

ज़िले में नवंबर के अंतिम सप्ताह से ठंड बढ़नी शुरू हो गयी हैं। देर रात्रि को और अहले सुबह में कुहासा भी धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। ऐसे में हम सभी को बचाव करना निहायत ही जरूरी हो गया हैं। लेकिन सबसे ज्यादा सर्दी के मौसम में नवजात शिशुओं सहित स्कूली बच्चों में संक्रमित बीमारियों के प्रसार के अलावा उसके चपेट में आने की संभावना प्रबल हो जाती हैं। छोटे-छोटे मासूम बच्चों को बदलते मौसम में विशेष देखभाल की जरूरत होती है। बदलते मौसम में बच्चों खासकर नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना आवश्यक है। अभिभावकों की लापरवाही के कारण उनके मासूमों को बीमार कर सकती है और ठंड से निमोनिया जैसी बीमारी होने का खतरा भी उत्पन्न हो जाता है। जिसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिलेवासियों को जागरूक करना पड़ रहा है। ताकि अपने आपको सुरक्षित रखते हुए अपने नौनिहालों को भी सुरक्षित किया जाए। स्वास्थ्य विभाग नवजात शिशुओं की उचित देखभाल के लिए गर्भवती व प्रसूता महिलाओं तक संदेश पहुंचा रहा है। ताकि, ठंड के दौरान बच्चों के लालन व पालन में माताओं को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

नवजात शिशुओं के शरीर का तापमान नियंत्रित करने की होती हैं जरूरत: सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ एसके वर्मा ने बताया स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई तरह की सुविधाएं व जन स्वास्थ्य से जुडी हुई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जिसके सहयोग से नवजात शिशुओं की देखभाल करने के लिए महिलाओं को कोई परेशानी नहीं हो रही है। वहीं घर पर नवजात शिशुओं का आसानी से उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए कंगारू मदर केयर एक प्रभावी व सशक्त उपाय है। जिसमें माता/पिता द्वारा नवजात शिशुओं को अपने सीने से लगाकर शरीर की गर्मी प्रदान की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि जन्म के तुरंत बाद नवजात शिशुओं के शरीर का तापमान नियंत्रित करना बेहद ही आवश्यक होता है। शरीर के तापमान का अचानक गिरना भी शिशुओं के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इसे चिकित्सकीय भाषा में हाइपोथर्मिया कहा जा सकता है। ठंड के मौसम में नवजात शिशुओं को हाइपोथर्मिया का खतरा अधिक रहता है। इससे बचाव के लिए सदर अस्पताल परिसर स्थित कंगारू मदर केयर एक सरल एवं सशक्त उपाय है।

कंगारू मदर केयर में कमजोर नवजात शिशुओं का बढ़ता है वजन: अस्पताल प्रबंधक

राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय तथा अस्पताल की अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी ने बताया कि हमारे अस्पताल में प्रसव कक्ष के साथ कंगारू मदर केयर की व्यवस्था उपलब्ध है। इसकी जानकारी जिले की सभी आशा कार्यकर्ता गृह भ्रमण के दौरान गर्भवती एवं धातृ महिलाओं को देते हुए कंगारू मदर केयर की विधि को विस्तृत रूप से बताती हैं। इस मौसम में शिशु के शरीर का तापमान स्थिर रखने और ठंड से बचाव के लिए उसे सीने से कुछ देर तक लगाकर रखना चाहिए। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर महिलाओं को नवजात शिशुओं की देखरेख का तरीका भी बताती हैं। कंगारू मदर केयर द्वारा नवजात शिशुओं को स्तनपान कराने से उसे गर्माहट मिलती है। इसके साथ ही कम वजन वाले नवजात शिशुओं का वजन धीरे-धीरे बढ़ता है। अस्पताल में जन्म हुए कमजोर नवजात शिशुओं को प्रायः इसकी सेवा दी जाती है और अस्पताल से निकलने के बाद उसकी लगातार ट्रैकिंग की जाती है और कंगारू मदर केयर अपनाने के वाले परिवार से शिशु के स्वास्थ्य की जानकारी ली जाती है। अगर ऐसा नहीं कर रहे हो तो उनलोगों को इसके लाभ के संबंध में बताया जाता है। कंगारू मदर केयर में आने वाले कमजोर बच्चे का वजन बढ़ता है। क्योंकि यहां पर हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ के साथ ही प्रशिक्षित जीएनएम व एएनएम हर समय नवजात शिशुओं का देखभाल करती रहती हैं।