राष्ट्रनायक न्यूज।
मांझी (सारण)। प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों नीलगायों के आतंक से किसानों की परेशानी बढ़ गयी है। इनका आतंक इतना बढ़ गया है की अब तो घरों के आस-पास लगी फसलों को नुकसान पहुंचाने से परहेज नहीं कर रहे है। अब तो स्थित ऐसी हो गयी है कि दिन का उजाला हो या रात अंधेरा इनको किसी से डर नहीं है। नीलगाय झुंड के झुंड खेतो में खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इनका आतंक इतना बढ गया है कि किसान अब कई फसल तक लगाना छोड़ दिये हैं। इनके दिनों-दिनों बढ़ते आतंक से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसान बेबस व लाचारी की हालत में खेत में लहलहाती फसल बर्बाद होते देख रहे है। गेहूं, अरहर, सरसो, मसूर, मक्का समेत आलू व अन्य सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों का कहना है कि जैसे-जैसे फसलें लहलहाती जा रही हैं, वैसे-वैसे वह नीलगायों का निवाला बनता जा रहा है। किसान गोपाल पाण्डेय, मनीष पाण्डेय मिन्टू, बिनोद भर, विक्रमा महतो, राजू सिंह, दिनेश सिंह, किशोर राम, लालबाबू राम, परवेजुल, अमीरी राय, पारस राय समेत अन्य किसानों ने बताया कि नीलगाय के खाने से जितना फसल नुकसान नहीं होता है, उससे कहीं अधिक इनके पैरों से फसल की बर्बादी होती है। किसानों का कहना है कि यह समस्या किसी एक गांव की नहीं है। कमोवेश प्रखण्ड के सभी गांवों का हाल एक जैसा बना हुआ है। किसानों का कहना है कि विगत कुछ वर्षों में इनकी तेज गति से जनसंख्या में वृद्धि हुई है। इनकी आबादी बढ़ने से सीधा असर किसानों पर भारी पड़ रहा है। फसलों को दिन में तो किसी तरह से रखवाली हो जाती है, परंतु रात के अंधेरे में रखवाली करना कठिन है। अब तो रवि फसल के साथ सब्जी व अन्य फसलों को नीलगायों से भारी नुकसान हो रहा है।


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