राष्ट्रनायक न्यूज।
छपरा (सारण)। बुधवार को भारतीय शिक्षण मण्डल उत्तर बिहार की सारण इकाई की ओर से बलिदान दिवस के अवसर पर युवा संकल्प दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर युवाओं को संबोधित करते हुए भारतीय शिक्षण मण्डल के प्रदेश सह मंत्री विश्वजीत सिंह चंदेल ने कहा कि त्याग और बलिदान की भारत में लम्बी परम्परा रही है। 1947 के पहले देश की आजादी के लिए और बाद में देश की रक्षा के लिए जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी है। उनकी बदौलत ही आज भारत ने विश्व में अपना महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। आजादी के दीवाने क्रांतिवीरों का बलिदान युगों-युगों तक राष्ट्रभक्तों को प्रेरणा देता रहेगा। आज ही के दिन शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू भारत माता को आज़ाद कराने के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए थे। मां भारती के इन तीन लाड़ले सपूतों की स्मृति को अक्षुण्ण रखने प्रतिवर्ष 23 मार्च को बलिदान -दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने जीवनी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि युवा दूसरों के साथ ही स्वयं से भी संवाद करें। जो गतिशील, प्रगतिशील, ऊर्जावान है, वही युवा है। रचित कर्म योग, भक्ति योग, राजयोग, ज्ञान योग आदि साहित्य पढऩे के लिए उपलब्ध करवाएं। ताकि वे उनकी सीख का आज की परिस्थिति में उपयोग कर व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं के हल तलाश सकें। आत्मबल और शक्ति को सबसे महत्वपूर्ण बताया है। इस अवसर पर प्रशान्त, राकेश कुमार सिंह, छोटे यादव, विकास कुमार समेत अन्य संगठन के लोग मौजूद थे।


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