पंकज कुमार सिंह। राष्ट्रनायक न्यूज।
मशरक (सारण)। आज जहां एक तरफ शादियों में पानी की तरह पैसा बहाया जाता है, दहेज के लिए कन्या पक्ष पर शर्तें लगाई जाती है और कई प्रकार की सौदेबाजी भी की जाती है। जिससे कई बार शादियां टूट भी जाती है। दूसरी तरफ समाज में उच्च संस्कारी, सिद्धाती व आदर्शवादी व्यक्ति भी है जिन्होंने दहेज प्रथा को तोड़ अपने बच्चों का आदर्श विवाह रचा कर समाज को एक नई दिशा दी और नवयुवकों को एक अच्छा संदेश दिया है।मशरक प्रखंड के कवलपुरा पंचायत के कवलपुरा मठिया गांव में गरीब लाचार महिला के जन्मजात गूंगी बेटी शिल्पी की शादी बिना दहेज के सिवान जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र के बलथरा साहिल पट्टी गांव निवासी केदार दास के पुत्र मंटू दास के साथ बहुत ही सादगी से दुमदुमा शिव मंदिर के प्रांगण में संपन्न हुआ। विवाह का आयोजन दिन के समय बिना बैंड बाजे व बिना घोड़ी के हुआ। सभी रस्मों रिवाज एक रुपये से ही संपन्न हुई और कोई दहेज नहीं दिया गया। वर पक्ष की इच्छानुसार दहेज में पर्यावरण सुरक्षा के लिए केवल सात पौधे दिए गए। मौके पर कवलपुरा गांव समेत आस पास की महिलाएं दुमदुमा शिव मंदिर परिसर पहुंची और मंगल गीत गायी और वर वधु को आशीर्वाद दिया।



More Stories
मुख्यमंत्री का अमर्यादित हरकत और शर्मनाक समर्थन
छपरा सदर प्रखंड के महाराजगंज पंचायत भवन में होगा विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन
प्रत्येक गुरुवार को जिलाधिकारी उद्यमियों के साथ करेंगे संवाद, उनकी समस्याओं को दूर करने के लिये एवं उद्यम विकास के लिये किया जायेगा सक्रिय सहयोग