मही नदी एवं बरसात के पानी से अमनौर के दर्जनों गांव में बाढ़ की स्थिति, सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद, स्लूईस गेट लगाने की मांग को ले किसानों ने किया पदर्शन
अमनौर(सारण)। बरसात के साथ उफनते मही नदी के पानी से अमनौर जान, नारायणपुर, बलुआ, गोसी अमनौर किसान के धान व ईख के सैकड़ो एकड़ फसल डूब गई। मही नदी से निकलने वाली जान नहरी में स्लूइस गेट नहीं होने के कारण नदी के जलस्तर में वृद्धि होते ही किसानों के सैकड़ों एकड़ में लगी फसल बर्बाद हो जाती है। इसको लेकर गांव के दर्जनों किसानों के फसल बर्बाद होने पर प्रशासन एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के खिलाफ पदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व सेवानिवृत्त शिक्षक रामशंकर सिंह ने किया। किसानो का आरोप है कि मही नदी धीरे-धीरे मिट्टी से भरता जा रहा है। पानी का निस्तारण नही हो रही है। बरसात के दिनों में उफनते मही नदी के पानी चवर में भरने लगती है। जिससे प्रत्येक साल किसानों का नुकसान होता रहा है। लेकिन आज तक नहरी पर स्लूइस गेट नही लगा। नही नदी का उड़ाही कराई गई। सलूइस गेट नही होने से उफनते नदी का पानी जान नहरी के माध्यम से चवर में भर गई है। जिससे किसान के सैकड़ो एकड़ में लगा फसल डूब गई है। किसानों ने कहा कि जीविकोपार्जन के लिए कृषि ही विकल्प है। लॉक डाउन में कर्ज लेकर कड़ी मेहनत से खरीफ फसल की खेती की गई थी। परंतु वर्षा के साथ साथ मही नदी के पानी ने सबकुछ खाक कर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान विधायक द्वारा पुलिया के पास स्गेलूइस गेट लगाने का आश्वासन भी दिया गया था,पर आज तक नही लगा। फसल डूबने के बाद अधिकारी हमारे सुधि तक लेने नही आये। अगर किसी प्रकार का हमे मुआवजा नही मिलती है तो हमलोगों का जीवन यापन नारकीय बन जायेगा। प्रदर्शन करने वालो में जितेंद्र राय, सत्येन्द्र राय, मुन्ना राय, रूपेश राय, सुभाष राय, सुजीत राम, ननद किशोर राम, मोहर राम, शैलेन्द्र राम, नाथा राय, गंगा राय, अशर्फी राय, शिव प्रसाद सिंह समेत दर्जनों शामिल थे।


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