- एक ही परिवार के तीन मजदूरों की मौत लापता, दो जख्मी का अस्पताल में चल रहा इलाज
रंजन श्रीवास्तव/प्रो एके सिंह सेंंगर। राष्ट्रनायक न्यूज।
तरैया (सारण)। मुंबई के कुर्ला स्थित नेहरू नगर में सोमवार की मध्य रात्रि में चार मंजिला इमारत के जमींदोज हो जाने से इमारत के मलबे में दबने बिहार के छपरा जिले के सात मजदूरों की मौत हो गई है। जबकि तीन मजदूर गंभीर रूप से जख्मी है। जिनका वहीं नजदीकी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी मजदूर तरैया के चैनपुर खराटी व राजवाड़ा गांव के रहने वाले थे। मरने वाले में चैनपुर खराटी छह मजदूरों में एक ही परिवार के तीन मजबूर तथा एक मजदूर शामपुर राजवाड़ा है। सभी मजदूर मुंबई के कुर्ला में कंट्रक्शन विभाग में राजमिस्त्री व लेबर का काम करते थे। घटना की जानकारी बगल के बिल्डिंग में रह रहे लोगों ने उनके परिजनों को दिया। परिजनों ने बताया कि मंगलवार की सुबह में उनलोगों को सूचना मिली कि मुंबई के कुर्ला स्थित नेहरू नगर में जहां उनके परिवार के सदस्य रहते है वहां चार मंजिला इमारत जमींदोज हो गया है। जिसमें 20 से 25 लोग मलबे में दबे हुए हैं। जिसमें छपरा जिले के तरैया चैनपुर खराटी गांव के 9 लोग तथा राजवाड़ा के एक व्यक्ति शामिल है। सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया है। धीरे-धीरे घटना की जानकारी ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों को हुई और भीड़ इकट्ठा होने लगी। जिसके बाद परिजन व जनप्रतिनिधियों ने कुर्ला में मौजूद अन्य लोगों से संपर्क साधने लगे। जानकारी मिली कि मलबे में दबने से चैनपुर खराटी के सात लोगों की व शामपुर राजवाड़ा के एक व्यक्ति की मौत हो गई है। वही तीन लोग जख्मी है, जिनका इलाज वहीं अस्पताल में चल रहा है।
मलबे में दबकर मरने वाले मजदूरों में :-
1. महेश राम, उम्र-32 वर्ष, पिता- केवल राम, सा-राजवाड़ा शामपुर
2. अजय बासफोर, उम्र-30 वर्ष, पिता- भोला बासफोर, सा-चैनपुर खराटी
3. विनोद पासवान, उम्र-26 वर्ष, पिता- जयनारायण मांझी, सा-चैनपुर खराटी
4.गुड्डू बसफोस, उम्र-23, पिता- ललिन्दर बसफोस, सा- चैनपुर खराटी
5. पप्पू पासवान, उम्र-26 वर्ष, पिता- रामाधार मांझी, सा- चैनपुर खराटी
6. राहुल पासवान, उम्र-22 वर्ष, पिता- रामाधार मांझी, सा- चैनपुर खराटी
7. बिरजू पासवान, उम्र-20 वर्ष, पिता- रामाधार मांझी, सा- चैनपुर खराटी
घायल मजदूरों में:-
1. अखिलेश मांझी, उम्र-32 वर्ष, पिता-सुगनारायण मांझी, सा- चैनपुर खराटी
2. संजय मांझी, उम्र-36 वर्ष, पिता- रामधार मांझी, सा- चैनपुर खराटी
3. चैत बसफोस, उम्र-38 वर्ष, पिता-स्व. हजारी बसफोस, सा- चैनपुर खराटी
इधर घटना के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। गांव में इतनी बड़ी घटना की सूचना पर कोहराम मचा हुआ है। घटना को लेकर पूरे गांव का माहौल गमगीन बना है। सूचना पाकर स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि अनिल यादव, सरपंच प्रतिनिधि शत्रुघ्न महतो, प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि धनवीर कुमार सिंह बिक्कू, ने मौके पर पहुचकर शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना दिया तथा सारण डीएम से सरकारी स्तर पर मृतकों के शव को उनके गांव पहुचाने व जख्मी व्यक्तियों को हर संभव इलाज के लिए मदद करने की मांग की है। वहीं तरैया विधायक जनक सिंह व पूर्व विधायक मुद्रिका प्रसाद राय, पूर्व जदयू नेता शैलेंद्र प्रताप सिंह ने घटना की सूचना के बाद दूरभाष पर शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया और इस दुख की घड़ी में हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
विधायक ने बिहार के मुख्यमंत्री से की मांग:-
मुंबई के कुर्ला में चार मंजिला इमारत जमींदोज हो जाने से बिहार के छपरा जिले के तरैया के सात मजदूरों की मलबे में दबने से मौत हो गई है, जबकि तीन मजदूर गंभीर रूप से जख्मी है। मरने वाले में तरैया के चैनपुर खराटी के 6 मजदूर तथा शामपुर राजवाड़ा के एक मजदूर शामिल हैं। जबकि तीन मजदूरों का वहीं नजदीकी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृत मजदूरों के अंतिम संस्कार एवं उनके शव को पैतृक गांव लाने के लिए बिहार विधानसभा सत्तारूढ़ दल के उपमुख्य सचेतक सह तरैया विधायक जनक सिंह ने बिहार सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग की है। विधायक श्री सिंह ने मांग किया है कि घायल मजदूरों के समुचित इलाज एवं उनकी उचित व्यवस्था कराई जाए। उन्होंने आग्रह किया है कि मृत एवं घायल मजदूर अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए वहां गए थे, जो दुर्घटना के शिकार हो गए। उन्होंने सभी मजदूरों के परिवार को सरकारी सहायता उपलब्ध करने की मांग की है। वहीं इन मांगों को लेकर विधायक श्री सिंह ने शून्यकाल के दौरान सदन में भी इस मुद्दे को उठाया है। जिस पर बिहार सरकार के श्रम मंत्री ने कहा कि कुर्ला की घटना सरकार के संज्ञान में है, महाराष्ट्र सरकार से संपर्क स्थापित कर मृत मजदूरों के शव लाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही सभी पीड़ित परिवारों के लिए सरकार गंभीर है।
घटना के दूसरे दिन भी नहीं जला चूल्हा, शव आने के इंतजार में है परिजन:-
मुंबई की कुर्ला में हुई घटना के बाद तरैया के चैनपुर खराटी और शामपुर राजवाड़ा में मृतकों के घर दूसरे दिन भी चूल्हा नहीं जला। परिजन मृतक के शव आने का इंतजार कर रहे थे। वही प्रशासनिक उहापोह की स्थिति में मंगलवार की देर संध्या तक मृतकों का शव उनके पैतृक गांव नहीं पहुंच पाया था। मृतकों के घर मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजनों की चीख पुकार से पूरे गांव का माहौल गमगीन बना हुआ है। परिजनों की चीख पुकार सुन उस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों के भी आंखें नम हो जा रही है। वही घटना के दूसरे दिन भी मृतकों के घर स्थानीय जनप्रतिनिधि पहुंचकर सांत्वना दे रहे थे।



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