- आरबीएसके टीम के द्वारा सप्ताह में एक दिन स्कूली बच्चों का होगा डेंटल चेकअप
- गर्भवती महिलाओं का भी होगा दंत रोगों की जांच
राष्ट्रनायक न्यूज।
छपरा (सारण)। आमजनों के दंत रोगों के समुचित उपचार हेतु राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत राष्ट्रीय ओरल हेल्थ कार्यक्रम संचालित है। कार्यक्रम अंतर्गत दंत से सम्बंधित बीमारियों के उपचार के लिए जिलों के सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दंत चिकित्सार्थ डेन्टल चेयर एवं अन्य अनुषंगी उपष्कर उपलब्ध करवाया गया है; तांकि सम्बंधित मरीजों को आवश्यकतानुसार चिकित्सकीय सुविधा प्राप्त हो सके। दंत रोगियों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है। जारी पत्र में कहा गया है कि आईएचपी गाइडलाइन के अनुसार डेंटल ओपीडी का सुचारू रूप से संचालन किया जाये। जिसमें प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक महीने की 9 एवं 21 तारीख को गर्भवती महिलाओं का डेंटल चेकअप सुनिश्चित किया जाये।
स्कूली बच्चों के दांतों की स्क्रीनिंग :
पत्र के माध्यम से निर्देश दिया गया है कि स्कूली बच्चों के दांतों की स्क्रीनिंग की जायेगी । इसके लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सप्ताह में एक दिन स्कूली बच्चों के लिए डेंटल स्क्रीनिंग की जायेगी । सप्ताह में एक दिन अपने स्वास्थ्य संस्था के निकटवर्ती हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर डेंटल ओपीडी का संचालन होगा। प्रत्येक महीने की 5 तारीख तक पिछले महीने में किये गए डेंटल ओपीडी के आंकड़ों को एचएमआईएस पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
सुबह 8 बजे से 2 बजे तक सुविधा:
डेंटल ओपीडी सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक सुचारू संचालन किया जायेगा। शल्य क्रिया करने में दंत चिकित्सक के सहायतार्थ एक जीएनएम, एएनएम या ड्रेसर को एवं डेंटल सर्जरी में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों के साफ सफाई एवं रख रखाव करने हेतु आउटसोर्स के सफाई कर्मी को सम्बंधित संस्था के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के द्वारा दंत चिकित्सक के साथ सम्बद्ध किया जायेगा।
दांतों में होने वाली बीमारी को हल्के में नहीं लें:
सिविल सर्जन डॉ. सागर दुलाल सिन्हा ने बताया कि दांत शरीर के प्रमुख अंग में शामिल है । दांतों में समस्या होने से लोग न ढंग से खाना खा सकते हैं और न ही शीतल पेय पदार्थ का सेवन कर पाते । दांतों में होने वाली बीमारी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यदि कोई बीमारी दांतों में लग गई है तो तत्काल दंत रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें क्योंकि जरा सी लापरवाही खतरनाक हो सकती है। हर गर्भवती महिला को प्रेग्नेंसी के दौरान अपना डेंटल चेकअप कराना चाहिए। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे न केवल आपकी दांतों से जुड़ी समस्याओं को हल करने में मदद होगी बल्कि यह प्रेग्नेंसी से जुड़ी डेंटल प्रॉब्लम्स का पता लगाने में भी मददगार साबित होगी।


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