प्रो. ए. के. सिंह/प्रशांत पांडेय। राष्ट्रनायक न्यूज।
मांझी (सारण)। प्रशांत किशोर ने मांझी प्रखंड के बरेजा गांव के बाहर मैदान में आयोजित मीडिया संवाद में एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जन सुराज पदयात्रा के पीछे मेरी महत्वाकांक्षा है कि मैं बिहार में पैदा हुआ हूं और बिहार की मिट्टी का कर्ज मेरे ऊपर है। ये बात किसी से छिपा नहीं है कि जब हम बिहार से बाहर देश के दूसरे राज्यों में जाते हैं तो लोग हमको बिहारी कहकर हमारा मजाक उड़ाते हैं। हम लोगों को गंवार कहकर जलील किया जाता है। मेरी महत्वाकांक्षा ये है कि अपने जीवन काल में बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल करा सके और बिहारियों को राज्य के बाहर जाने पर जलील नहीं होना पड़े।


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