राष्ट्रनायक न्यूज

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आजादी के महानायक खुदीराम बोस एवं पटना सात शहिदों की मनाई गई शहादत दिवस

आजादी के महानायक खुदीराम बोस एवं पटना सात शहिदों की मनाई गई शहादत दिवस

  • हमें ऐसे वीर जवानों से प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने जीवन पथ पर आगे बढ़ना चाहिए

छपरा(सारण) ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) सारण जिला इकाई ने शहर के सलेमपुर स्थित मंजर रिजवी भवन में आजादी आंदोलन के महानायकों खुदीराम बोस और पटना सात शहिदों के शहादत दिवस पर उन्हें याद किया और उन वीर क्रांतिकारी शहीदों के तैल-चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। वीर शहिदों को याद करते हुए राज्य उपाध्यक्ष राहुल कुमार यादव ने कहा कि 11 अगस्त 1942 को आज ही के दिन बिहार के सात सपूत अंग्रेजों द्वारा गोली मारे जाने से शहीद हो गए थे। ये सभी छात्र थे और 1942 में अगस्त क्रांति के दौरान 11 अगस्त को दो बजे दिन में पटना के सचिवालय पर झंडा फहराने निकले थे। पटना के उस समय के जिलाधिकारी डब्ल्यू जी आर्थर के आदेश पर पुलिस ने गोलियां चलाई थीं। इसमें लगभग 13 से 14 राउंड गोलियों की बौछार हुई थी। ये सात सपूत थे उमाकांत प्रसाद सिंह, रामानंद सिंह, सतीश प्रसाद झा, जगपति कुमार, देवीपद चौधरी, राजेन्द्र सिंह और राम गोविंद सिंह। शहिदों ने अपने जज्बे के दम पर तिरंगे को झुकने नहीं दिया। जब सचिवालय की ओर अपने छह साथियों के साथ बढ़ रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रोकना चाहा पर वे रुकने वाले कहां थे। अंग्रेजी हुकूमत द्वारा एक-एक कर सभी वीर क्रांतिकारियों को गोली लगती गई और वह आगे बढ़ते गए, आखिरकार सचिवालय के गुम्बद पर तिरंगा फहरा ही दिया। इसके बाद वे शहीद हो गए। स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद इस स्थान पर शहीद स्मारक का निर्माण हुआ। इसका शिलान्यास स्वतन्त्रता दिवस को बिहार के प्रथम राज्यपाल जयराम दौलत राय के हाथों हुआ। औपचारिक अनावरण देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने 1956 में किया। हमें ऐसे वीर जवानों से प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने जीवन पथ पर आगे बढ़ना चाहिए। राज्य- पार्षद अमित नयन ने कहा कि आजादी की लड़ाई का इतिहास क्रांतिकारियों के त्याग और बलिदान के अनगिनत कारनामों से भरा पड़ा है। क्रांतिकारियों की सूची में ऐसा ही एक नाम है खुदीराम बोस का है, जो शहादत के बाद इतने लोकप्रिय हो गए कि नौजवान एक खास किस्म की धोती पहनने लगे जिनकी किनारी पर ‘खुदीराम’ लिखा होता था। ऐसे क्रांतिकारियों से हम छात्र-युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। आज के शहादत दिवस कार्यक्रम में मुख्य रूप से शकील अंसारी, सोहैल खान, विकास यादव, आदि थे।