सरकार युवाओं के प्रति वाकई संवेदनशील होती, तो बिहार से पलायन नहीं होता: संगम बाबा

- जनता व युवाओं के मान-सम्मान व महिलाओं के अधिकार के लिए तरैया के मैदान में आया हूं: मुखिय
- तरैया के विभिन्न गांवों में संगम बाबा ने किया जनसम्पर्क
राष्ट्रनायक प्रतिनिधि।
तरैया (सारण)। सभी पार्टियों की मुख्य घोषणा लगभग युवाओं के रोज़गार देना है, तो इतने सालों से बिहार में बेरोजगारी कि समस्या ख़त्म क्यों नहीं हुई। अब जब चुनाव क़रीब है तो रोज़गर दूंगा, स्वास्थ्य, शिक्षा सुधारुंगा आदि जैसे वादे हो रहें हैं। आख़िर इतने दिनों तक क्या कर रहीं थी सरकार? अग़र सरकार युवाओं के प्रति वाक़ई संवेदनशील होती तो बिहार से लोंगो का पलायन नहीं हुआ होता। यह बातें मुखिया संगम बाबा ने सरेया रत्नाकर यादव टोला, भटौरा, डेहुरी समेत अनेक गांवो के दौरा करने के दौरान कहीं। मुखिया संगम बाबा ने बताया कि मैं जनता व युवाओं के मान-सम्मान व महिलाओं के अधिकार के लिये तरैया के मैदान में आया हूं। हम कहने में कम और काम करने में ज़्यादा विश्वास रखते हैं। काम करने के बाद जब लोगों तक सुविधाएं उपलब्ध होंगी तो लोग खुश होंगे न कि चुनावी वादे करने से। इस मौके पर टूटू सिंह, छोटू सिंह, राजेश राय, विवेक, रोहित सिंह, टुन्नू सिंह, सोनू यादव, रामा रमन, विक्की सिंह, चंदन यादव, राजा गुप्ता, मौजूद थे।


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