थाना में नहीं लगता सीओ का जनता दरबार, बढ़ रहा जमीनी विवाद का अंबार
पंकज कुमार सिंह की रिर्पोट। राष्ट्रनायक प्रतिनिधि।
मशरक (सारण)। बिहार सरकार के निर्देशानुसार थाना स्तर पर आयोजित होने वाले जनता दरबार की यहां लंबे समय से हवा निकल रही है।कोरोना काल के दौरान ही जनता दरबार पर संक्रमण फैलने के डर से रोक लगा दी।पर धीरे-धीरे सभी विभागों समेत परिवहन व काम काज की शुरुआत की गई। पर अब जनता दरबार पर रोक की अनदेखी से जमीनी विवाद के निपटाने को उनके अधिकारियों की ही नजर लग गई है। इसके प्रतिफल में निदान की बजाय जमीनी समस्याओं के मकड़़जाल का दायरा और विस्तृत होता जा रहा है। खासकर कोरोना काल में तों मशरक थाना क्षेत्र में भूमि विवाद की रंजिश में कई फरियादी को रोजी रोटी से लेकर जान तक की शामत आन पड़ी।वही बढ़ती भूमि विवाद की बढ़ती रंजिश की संख्या को देखकर उप प्रमुख साहेब हुसैन उर्फ टुनटुन, मुखिया संघ अध्यक्ष व पूर्वी मुखिया प्रतिनिधि अमर सिंह, बहरौली मुखिया अजीत सिंह, समाजसेवी कुंदन सिंह, पश्चिमी सरपंच बिनोद प्रसाद ने जिलाधिकारी सारण से पूर्व की तरह थाने में निर्धारित समयावधि में जनता दरबार आयोजित करने की मांग की है। बहरौली मुखिया अजीत सिंह ने कहा कि सरकार के द्वारा जनता दरबार लगाने से लोगों के मन में त्वरित व समुचित निपटारे की आस जगी। निपटारे में पारदर्शिता होने से फरियादियों में भी भरोसा जगा।वही जनता दरबार में शिकायतों के आने का सिलसिला शुरु हुआ तो वादी प्रतिवादी दोनों पहुंचने लगे। दोनों पक्षों की बातें सुनी जाने लगी। कोरोना काल के शुरूआत से लगी रोक के बाद आज तक न पुन: जनता दरबार लगा। जिसके चलते आज भी शांतप्रिय लोग समुचित न्याय की आस में जनता दरबार की बाट जोह रहे हैं।


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