नहीं रहे कामरेड प्रोफेसर प्रमोद तिवारी
विपीन कुमार। राष्ट्रनायक प्रतिनिधि।
दरियापुर (सारण)। डेरनी थाना क्षेत्र के ठीका गांव में एक साधारण परिवार में जन्मे प्रोफेसर प्रमोद तिवारी का आज पीएमसीएच पटना में देहांत हो गया, जिनका अंतिम दाह संस्कार आमी घाट पर किया गया। आपको बता दें कि प्रोफेसर तिवारी तीन भाइयो में सबसे छोटे थे बड़े भाई रामबिनोद तिवारी एक पुजेरि है, दूसरे दिनेश तिवारी कामरेड जयमंगल सिंह के व्यवहार से प्रेरित होकर छात्र जीवन से ही कामनिष्ट पार्टी के सदस्य हैं गरीबो के आवाज़ है, वही प्रोफेसर तिवारी बहुत ही सरल स्वभाव के सुलझे हुए व्यक्ति थे जिनका जन्म 7 जनवरी 1959 को एक साधारण गरीब ब्राह्मण परिवार में हुआ था जहा खाने पीने के लिए भी परिवार को काफी मशक्कत करना पड़ता था वैसे परिवार में संघर्ष करते हुए पढ़ाई लिखाई करना और भी कठिन था उनसब परेशानियों के साथ संघर्ष करते हुए पढ़ाई जारी रखा दसवीं दुर्गा उचविद्यालय सुतिहार, इंटर पी एन कॉलेज परसा, स्नातक राजेन्द्र कॉलेज छपरा, पोस्ट स्नातक ए एन कॉलेज पटना, पी एच डी संस्कृत यूनवर्सिटी दरभंगा से पूरा करने के उपरांत मई 1986 में गणेश गिरिवरधारी संस्कृत कॉलेज बख्तियारपुर पटना में हिंदी विभाग में सहायक पद पर कार्यकाल शुरू किया जिसका अंत कल पी एम सी एच् पटना में हो गया। प्रोफेसर तिवारी शिक्षा जगत में सेवा के साथ साथ राजनीत में भी प्रखर सिपाही थे कामनिष्ट पार्टी के उनको श्रधांजलि देते हुए डॉ के एन सिंह ने बताया कि बहुत बड़ा छति है समाज का अन्य सामिल लोगो मे हरेंद्र शर्मा ,डॉ नरेंद्र तिवारी, अमित कुमार, आदि लोगो ने दुख प्रगट किया।


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