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बच्चों के स्वस्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाने तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पिलाई जाएगी विटामिन-ए की खुराक

बच्चों के स्वस्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाने तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पिलाई जाएगी विटामिन-ए की खुराक

  • 23 से 26 दिसंबर तक चलाया जाएगा अभियान
  • जिले में 6.50 लाख बच्चों को खुराक पिलाने का लक्ष्य
  • 09 माह से 05 वर्ष तक के बच्चों को पिलाई जाएगी खुराक

पूर्णियां। कोविड-19 महामारी को देखते हुए राज्य सरकार के द्वारा 09 माह से 05 वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाने एवं उनके रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने हेतु 23 दिसंबर से विटामिन-ए की छःमाही खुराक पिलायी जाएगी. राज्य कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार द्वारा सभी सिविल सर्जन को पत्र लिखकर सम्बंधित कार्यक्रम के लिए दिशा निर्देश जारी किया गया है. कार्यक्रम हेतु जिला, प्रखंड एवं ग्रामीण स्तर पर विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का क्रियान्वयन कर शत प्रतिशत सफलता सुनिश्चित करने के लिए कार्यपालक निदेशक ने निर्देश दिया है.

23 दिसंबर से शुरू होगा विटामिन-ए की छ:माही खुराक वितरण :
सिविल सर्जन डॉ उमेश शर्मा ने बताया कि विटामिन-ए की छः माही खुराक वितरण कार्यक्रम 23 दिसंबर से 26 दिसंबर तक चलाया जाएगा. 25 दिसंबर को क्रिसमस डे का राजकीय अवकाश होने के कारण स्थानीय स्तर पर सुविधानुसार एक दिन अभियान को आगे भी बढ़ाया जा सकता है. इस संबंध में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को अभियान की माइक्रोप्लान तैयार करने एवं सभी प्रखंडों के स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया हैं. 09 माह से 05 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ‘ए’ दवा पिलाने के लिए आशा कार्यकर्ता द्वारा प्रथम दिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर, दूसरे दिन गृह भ्रमण, तीसरे दिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर तथा चौथे दिन गृह भ्रमण करने की कार्ययोजना को बनाएंगी. साथ ही 23 से 26 दिसंबर 2020 तक आयोजित होने वाले आरोग्य दिवस सत्रों के लिए आशा व अन्य स्वास्थ्य कर्मी अपना तिथिवार माइक्रोप्लान अभियान के सात दिन पहले अपने संबंधित विभाग व वरीय अधिकारियों को सौंपेगे. कोई भी बच्चा खुराक से वंचित न हो, इसका विशेष ध्यान रखना है. कार्यक्रम के तहत 09 से 11 माह तक के बच्चों को 01 एम.एल. व 12 से 60 माह के बच्चों को दो एम.एल. विटामिन ‘ए’ की खुराक पिलानी है. नियमित टीकाकरण के दौरान विगत चार माह में जिन बच्चों को खसरे के टीके/बूस्टर डोज़ के साथ विटामिन ‘ए’ की खुराक पिलाई गई है, वैसे बच्चों को अभियान के दौरान विटामिन-ए की खुराक नहीं दी जानी है.

जिले में 09 माह से 05 वर्ष तक के 6.50 लाख बच्चों को खुराक पिलाने का लक्ष्य:
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ सुभाषचंद्र पासवान ने बताया कि ज़िले के सभी प्रखंडों में 09 माह से 05 वर्ष तक के बच्चों की संख्या 6 लाख 50 हज़ार हैं, जिसको विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी. डॉ पासवान ने बताया कोविड संक्रमण को देखते हुये गृह भ्रमण के दौरान आशा या अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता सबसे पहले बच्चें की मां या परिवार के किसी भी सदस्य को एक साफ़ चम्मच लाने को कहेगी. उसके बाद ही विटामिन ए की खुराक पहले एक व दो एम.एल. मार्किंग युक्त चम्मच में डालने के बाद उक्त खुराक को हितग्रहियों के चम्मच में डालें तत्पश्चात सम्बंधित परिवार के सदस्य द्वारा चम्मच से ही बच्चे को विटामिन ए की खुराक पिलाया जाएगा. कार्यक्रम के दौरान आशा या अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को मास्क व ग्लब्स पहनना अतिआवश्यक है. इस दौरान बच्चे में सर्दी, खांसी, बुखार का लक्षण पाए जाने पर उन्हें स्वस्थ जांच के लिए नज़दीकी स्वस्थ्य केंद्र पर भेजना ज़रूरी है. कोविड-19 कन्टेनमेंट क्षेत्र में इस गतिविधि का आयोजन नहीं करना है. ऐसे क्षेत्रों में परिस्थिति के अनुकूल होने के उपरांत ही विटामिन ‘ए’ अनुपूरण की गतिविधि आयोजित करनी है.

स्वास्थ्य कर्मियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण :
इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी आशा या अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को सम्बंधित विभाग द्वारा प्रशिक्षित किया जायेगा. विटामिन ‘ए’ की बोतलों को धूप एवं सीलन से बचाएं रखना अनिवार्य है. बोतल खोलने के समय बोतल पर तिथि अवश्य अंकित किया जाय एवं खुले हुए बोतलों का उपयोग आठ सप्ताह के अंदर तक ही किया जाना सुनिश्चित करना है.

विटामिन ए से शिशुओं में होता है रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास :
डॉ. पासवान ने बताया कि विटामिन-ए की कमी से बच्चे बार-बार बीमार पड़ते हैं विटामिन-ए की कमी शरीर के सभी अंगों के लिए नुकसानदेह है लेकिन इसका प्रभाव केवल आंखों पर ही परिलक्षित होता है. जिसके लिए शिशुओं को विटामिन ए की खुराक देना जरूरी है. इससे उनके रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है.