14 दिसम्बर को पीएचसी सहित सभी अस्पतालों की करायी गयी जाँच संबंधी उपलब्ध कराये गये प्रतिवेदन की जिलाधिकारी ने की समीक्षा
- अस्पतालों में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, दवाई और एम्बुलेंस की रहे समुचित व्यवस्था
- अस्पतालों में आने वाले मरीजों को न हो कोई परेषानी इसका रखा जाय ध्यान
राष्ट्रनायक प्रतिनिधि।
छपरा (सारण)। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के द्वारा समाहरणालय सभागार में सिविल सर्जन सहित पीएचसी के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक के साथ स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षात्मक बैठक में निदेष दिया गया कि अस्पतालों में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय की समुचित व्यवस्था रखी जाय और सभी जगह रोगी कल्याण समिति की बैठक कराकर परिसर का रंगरोदन करा दिया जाय। जिलाधिकारी के द्वारा कहा गया कि एजेंसी से बात कर सभी पीएचसी मे मरीजों को खाना उपलब्ध करायी जाय। प्रत्येक पीएचसी पर निर्धारित संख्या में दवाई की उपलब्धता सुनिष्चित करायी जाय एवं पीएचसी से दवाई संबंधित माँग पत्र मिलते हीं उसकी आपूर्ति करा दी जाय। ऐसा नही होने पर जबाबदेही निर्धारित की जाय एवं दोषी व्यक्ति को दंडित किया जाय। जिलाधिकारी के द्वारा 14 दिसम्बर को जिले के वरीय पदाधिकारियों से सभी पीएचसी सहित रेफरल अस्पतालों की जाँच करायी गयी थी। स्वयं जिलाधिकारी के द्वारा सदर अस्पताल की जाँच की गयी थी और सिविल सर्जन तथा डीपीएम को आवष्यक निदेष दिया गया था। समीक्षा बैठक में सिविल सर्जन ने बताया कि सदर अस्पताल में सभी चिंहित जगहों पर सीसीटीवी कैमरा लगाया जा रहा है एवं जो कैमरे खराब हो गये थे उनको भी ठीक कराया जा रहा है। पेइंग वार्ड ठीक कराया जा रहा है। कल से डेंटल सर्जरी भी प्रारंभ हो जाएगा। अभी प्रतिदिन 40 सर्जरी की जा रही है। इस पर जिलाधिकारी के द्वारा प्रतिदिन 60 सर्जरी कराने का निर्देश दिया गया एवं कहा गया कि अस्पताल के अंदर बिचैलिया दिख जाय तो उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले किया जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि इसके लिए चार गृहरक्षी दिया जा रहा है। जिन्हें रात्रि पहर ड्यूटी पर लगाया जाय। 14 दिसम्बर के जाँच के बाद वरीय पदाधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन में जहाँ-जहाँ चिकित्सकों की अनुपस्थिति पायी गयी है उनके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनका वेतन काटने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अपने से चिकित्सकों का रोस्टर नहीं बनाये बल्कि विभागीय निदेष का अनुपालन करते हुए रोस्टर बनाया जाय। जिलाधिकारी के द्वारा सोनपुर, मषरख, अमनौर, दिघवारा एवं मढ़ौरा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के कार्यों के प्रति नाराजगी व्यक्त की गयी तथ अमनौर और मषरख के एमओआईसी के विरुद्ध प्रपत्र ’क गठित करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी के द्वारा जननी बाल सुरक्षा योजना के लाभुकों को भुगतान करने, आयुष्मान भारत के तह्त गोल्ड कार्ड बनाना पूर्ण आरंभ करने, रुटीन इम्यूनाइजेशन का लक्ष्य हॉसिल करने का निर्देश दिया गया। बैठक में सिविल सर्जन ने बताया कि 23 दिसम्बर से 9 माह से पाँच वर्ष के सभी बच्चों को विटामिन ए का खुराक पिलाने के लिए अभियान चलाया जाना है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि इसके लिए सभी आषा, ऑगनबाड़ी सेविका-सहायिका को प्रशिक्षित कर माइक्रो प्लान बना लें तथा ध्यान रखेंगे कि कोई भी बच्चा इस अभियान में छुटना नहीं पाये।


More Stories
मुख्यमंत्री का अमर्यादित हरकत और शर्मनाक समर्थन
छपरा सदर प्रखंड के महाराजगंज पंचायत भवन में होगा विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन
प्रत्येक गुरुवार को जिलाधिकारी उद्यमियों के साथ करेंगे संवाद, उनकी समस्याओं को दूर करने के लिये एवं उद्यम विकास के लिये किया जायेगा सक्रिय सहयोग