अररिया में नवनियुक्त 32 जीएनएम को दिया गया अमानत प्रशिक्षण
- प्रसव संबंधी सेवाओं के विस्तार में प्रशिक्षित जीएनएम की भूमिका महत्वपूर्ण
- कार्यकौशल में बढ़ोतरी व कर्मियों के क्षमता संवर्द्धन के लिये प्रशिक्षण जरूरी
अररिया। अररिया जिले में मातृ-शिशु मृत्यु दर के मामलों में कमी लाने व सरकारी चिकित्सा संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण प्रसव सेवा उपलब्ध कराने का लगातार प्रयास किया जा रहा है । इसे लेकर बीते अक्टूबर माह में नवनियुक्त जीएनएम को अमानत प्रशिक्षण दिया गया । प्रशिक्षण के दौरान प्रसव संबंधी जटिलता व इसके तत्काल समाधान के साथ-साथ प्रसव के दौरान बरती जाने वाली अतिरिक्त सावधानी सहित जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण जानकारी नवनियुक्त जीएनएम को उपलब्ध करायी गयी । प्रशिक्षण में जिले की कुल 32 जीएनएम ने भाग लिया। प्रशिक्षण के लिये जीएनएम के तीन समूह का निर्धारण किया गया था । पहले समूह का प्रशिक्षण 06 से 10 अक्तूबर, दूसरा बैच 12 से 17 अक्तूबर व तीसरा व अंतिम बैच का प्रशिक्षण 19 से 24 अक्तूबर के बीच संपन्न हुआ। प्रत्येक समूह में 12 जीएनएम को शामिल किया गया था । प्रशिक्षण कार्यक्रम में नाजिया, पिंकी ने अमानत के बतौर मेंटर भाग लिया ।
प्रशिक्षण से जीएनएम के कार्यकौशल में हुआ सुधार
नवनियुक्त जीएनएम को दिये गये अमानत प्रशिक्षण के उद्देश्य की जानकारी देते हुए केयर इंडिया की डीटीएल पर्णा चक्रवती ने कहा कि सरकारी चिकित्सा संस्थानों में प्रसव संबंधी सेवाओं का विस्तार इसका मुख्य उद्देश्य है । प्रशिक्षण कार्यक्रम नवनियुक्त जीएनएम के कार्यकौशल में बढ़ोतरी व क्षमता संवर्द्धन में बेहद सहायक साबित हुआ है। इससे जिले में मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने व प्रसव के दौरान आनेवाली चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा के सही देखरेख को बढ़ावा मिल रहा है । उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के उपरांत नवनियुक्त जीएनएम के माध्यम से अस्पतालों में बेहतर व विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना आसान हुआ है। साथ ही मरीजों की जांच व उपचार में यह प्रशिक्षण बेहद मददगार साबित हो रहा है ।
प्रसव संबंधी सेवाओं को बेहतर बनाना प्रशिक्षण का उद्देश्य
अमानत प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी देते हुए केयर इंडिया की डीटीओएफ डॉली शर्मा ने बताया कि केयर इंडिया द्वारा नवनियुक्त जीएनएम को दिये गये पांच दिवसीय अमानत प्रशिक्षण में कई महत्वपूर्ण बातों को शामिल किया गया था । इसमें नवनियुक्त जीएनएम के पास उपलब्ध जानकारी, उनका कौशल, जरूरी प्रशिक्षण व प्रशिक्षण के उपरांत उनके कार्यकौशल में आये बदलाव पर ध्यान केंद्रित किया गया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के उपरांत नवनियुक्त जीएनएम के कार्यकौशल व कार्य की गुणवत्ता में आशातित सुधार हुआ है । धीरे-धीरे इसका लाभ भी दिखने लगा है । उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में नवनियुक्त जीएनएम को जहां उनके कार्य व दायित्व का बोध कराया गया तो उन्हें नर्सिंग से जुड़ी मान्यता व इससे जुड़ी चुनौतियों से अवगत कराया गया । साथ ही उन्हें प्रसव संबंधी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिये जरूरी जनकारी दी गयी । नवजात की देखभाल, दवाओं का प्रबंधन अन्य जानकारी प्रशिक्षण के दौरान उपलब्ध करायी गयी है ।
प्रसव संबंधी सेवाओं के विस्तार में जीएनएम की भूमिका महत्वपूर्ण
अमानत प्रशिक्षण की विशेषताओं की जानकारी देते हुए डीपीओ रेहान असरफ ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों के क्षमता संवर्द्धन व कार्यकुशलता में बढ़ोतरी के लिये उन्हें प्रशिक्षण उपलब्ध कराना जरूरी है । इसी क्रम में नवनियुक्त जीएनएम का केयर इंडिया के माध्यम से अमानत प्रशिक्षण दिया गया है । शहरी व ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्यों की पूर्ति में एएनएम व जीएनएम की भूमिका महत्वपूर्ण होती है । ऐसे में उनका प्रशिक्षित होना जरूरी है । जिले में संचालित हेल्थ वैलनेस सेंटर व पीएचसी व एपीएचसी स्तर पर प्रसव संबंधी सेवाओं का विस्तार शहरी क्षेत्र के स्वास्थ्य संस्थानों पर मरीजों के दबाव को कम करने के लिहाज से जरूरी है । इतना ही नहीं ग्रामीण इलाकों में बेहतर प्रसव संबंधी सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में आने वाले दिनों में इन प्रशिक्षित जीएनएम की भूमिका महत्वपूर्ण साबित होगी ।


More Stories
स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ में महिला फाइलेरिया मरीजों पर विशेष फोकस
महिलाओं एवं किशोरियों को प्रजनन एवं यौन स्वास्थ्य जैसे विषयों पर जागरूकता करने की काफी आवश्यकता
अनचाहे गर्भ से सुरक्षा के लिए महिला बंध्याकरण को अपनाएं, सरकार देगी 3 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि