सरकार के विरुद्ध भाकपा माले के सदस्यों ने किया अनशन, कहा- लॉक डाउन में सरकार गरीब असहायों के साथ दोहरी नीति अपना रही है
अमनौर(सारण)। सरकार के गलत नीति के विरुद्ध भाकपा मिल, नेे प्रखंड के धरहरा पंचायत के मंदरौली गांव में भाकपा माले के सचिव जनार्धन शर्मा के नेतृत्व में एक दिवसीय भूख हड़ताल किया गया।रविवार को समाजिक दूरी के अनुसार गांव के एक बरगद वृक्ष के नीचे दर्जनों महिला पुरुष अपनी मांगो को लेकर सरकार के विरुद्ध अनशन पर बैठे। उन्होंने बिहार व केंद्र सरकार पर गरीबों के साथ दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया। कहा कि कोरोना एक वैशिवक महामारी है। लॉक डाउन का पहल अच्छी है, परंतु इस दौरान सरकार गरीब असहाय लोगो के बिना सुविधा बहाल किये यह कानून लागू कर दिया गया। जिससे कई लोग आज भूखे तरप रहे है। कई राज्यो में भूखे प्यासे फसे हुए है, कई लोग रास्ते मे आने के दौरान दम तोड़ दिया। इसके बावजूद भी सरकार इनके साथ सहानुभूति नही दिखाई। जनार्धन शर्मा ने कहा कि अमीर के बच्चे चाहे कोटा में फंसे हो या विदेशो में सरकार उनके लिए फ़्लाइट के व्यवस्था कर वापस बुलाने का कार्य करती है। वही गरीब असहाय लोग जो एक जून की रोटी के लिए प्रदेश गए हुए थे उन्हें सड़क पर भूखे प्यासे मरने पर मजबूर कर दिया। उनके लिए कोई व्यवस्था नही किया गया। खेत मजदूर के राज्य कमिटी के सदस्य जीवनन्दन राय ने कहा कि नीतीश मोदी की सरकार गरीब विरोधी सरकार है। कई राज्य में फंसे मजदूरों को उचित व्यवस्था के साथ दस हजार रुपया मुहैया कराने की मांग किया। साथ ही कहा कि जितने गरीब असहाय लोग लॉक डाउन के दौरान मौत के मुंह में समा गए, सरकार उनके परिवार के जीवन यापन करने की कोई व्यवस्था करे। अन्यथा लॉक डाउन के टूटने के बाद भीषण आंदोलन की चेतावनी दिया। भूख हड़ताल पर बैठने वालों में शौखी मांझी, दया देवी, इमामुदिन अंसारी, सन्तोष मांझी, शांति देवी, कबूतरी देवी समेत दर्जनों लोग थे।


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