राष्ट्रनायक प्रतिनिधि।
गड़खा (सारण)। जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा के संबंध देवराहा बाबा श्रीधर दास डिग्री कॉलेज रामपुर कदना में छात्र-छात्राओं से प्रचार्य द्वारा 2500 से 3500 रूपये लेने के बाद मात्र 450 रुपये का ही रसीद दी जा रही है। इस घोर अनियमितता के कारण छात्र छात्राओं को काफी परेशानी हो रही है।इस संबंध में छात्रा पूजा कुमारी ने जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलसचिव को आवेदन दिया जिसमें कहा कि उक्त महाविद्यालय में राजनीतिक शास्त्र में बीए पार्ट वन 2021-24 में नामांकन हेतु प्राचार्य द्वारा 2500 ली गई तथा मात्र 450 रुपये की रसीद दी गई।इस सम्बंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि 2500 ही खर्च होती है। सिर्फ ही नही बल्कि सोनी कुमारी ने भी जेपीविवि प्रशासन बताया कि उनसे 420 और 1780 रुपये की दो रसीद दी गई।ऐसे सैकड़ो छात्र-छात्राओं से अधिक वसूली के मामले सामने आई है।
छात्राओं से लेनी है मात्र 450 रुपये:
जयप्रकाश विश्वविद्यालय द्वारा सभी कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि छात्राओं से नामांकन एवं पंजीयन में 450 रुपये जबकि छात्रों से साइंस में 15 सौ रुपए एवं आर्ट में 1400 रुपये लेनी है तथा वह भी पैसा महाविद्यालय के आंतरिक स्रोत के खाते में जमा कराने का निर्देश दिया गया है। जबकि महाविद्यालय द्वारा छात्राओं से 2500 एवं छात्रों से 35 सौ से ज्यादा रुपए वसूली जा रही है।जिसमें से विश्व विद्यालय में छात्राओं का150 रुपये ही जमा करनी है। जबकि शेष बचें राशि को आंतरिक स्रोत में भी जमा नहीं कराई जा रही है।वहीं कुछ माह पहले महाविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों द्वारा कुलाधिपति सह राज्यपाल, बिहार सरकार के प्रधान सचिव रजिस्ट्रार ,वीसी,एमएलसी प्रो डॉ बिरेन्द्र नारायण यादव समेत अन्य विभाग में लिखित आवेदन दिया गया।जिसमें कहा गया कि एडमिशन और रजिस्ट्रेशन के मद में छात्रों से अधिक राशि वसूलने के बाद महाविद्यालय के बैंक अकाउंट में जमा नहीं कर उसका गबन कर ली जा रही हैं।
क्या है मामला:
डीबीएसडी कॉलेज रामपुर को संत श्रीधर दास जी महाराज ने लोगों से एक एक रुपये भिक्षाटण ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा से वंचित रहे हजारों छात्र-छात्राओं के लिए चार दशक पूर्व महाविद्यालय की स्थापना की थी। परंतु महाविद्यालय में करोड़ों रुपए की गबन हो गई।इसके बाद संस्थापक दानदाता सचिव संत श्रीधर दास जी ने राजभवन यूनिवर्सिटी एवं कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जिसके बाद 7 करोड़ रुपए से अधिक की घोटाले की बात सामने आई।जिसके बाद कोर्ट ने निगरानी जांच बैठा दी तथा कुलसचिव को महाविद्यालय के कार्य देखने का आदेश दे दिया परंतु तत्कालीन कुलसचिव ग्रुप कैप्टन श्री कृष्ण द्वारा 29 फरवरी 2020 को पत्रांक 3374(आर) द्वारा प्राचार्य को शैक्षणिक प्रशासनिक और दैनिक कार्य देखने के लिए एक पत्र निर्गत कर दिया गया परंतु नियमों को ताख पर महाविद्यालय में छात्रों से नामांकन मद में अवैध राशि भी वसूली जा रही है तथा उसका गबन का खेल शुरू कर दी गई हैं।



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