राष्ट्रनायक न्यूज।
सोनपुर (सारण)। मिली जानकारी के अनुसार जब शिक्षिका बेटी अपने पिता की अर्थी को कंधा लगाकर निकली लोगों कि आंखे नम हो गई। वहीं बेटी ने बताया कि उनके पिता कि यही अंतिम इच्छा थी कि उनकी बेटी ही उन्हें मुखाग्नि देने। शिक्षिका गीता देवी ने कहा कि उनके पिता बेटा बेटी में अंतर नहीं मानते थे।


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