राष्ट्रनायक न्यूज।
छपरा (सारण)। कोरोना यानी कोविड-19 से बचाव को लेकर बिहार सरकार ने लॉकडाउन लागू किया है। ताकि कोरोना के चेन को तोड़कर बीमारी पर काबू पाया जा सके। इस मई माह में शादी का भी सीजन चल रहा है। ऐसे में सरकार ने शादी समारोह में संपन्न कराने को लेकर भी गाईडलाइन जारी किया है, जिसके मुताबिक शादी में 20 लोग ही शामिल हो सकते है। साथ ही नीतीश सरकार ने दहेजबंदी भी लागू किया है। जिसे जलालपुर प्रखंड के करियांही गांव के निवासी शिक्षक सुरेश कुमार ने अपने भाई की शादी में साबित कर दिखाया है। उन्होंने पाखंड एवं अंधविश्वास के प्रति लोगों को जागरूक करने के उदेश्य से अपने भाई की शादी बिना दहेज के ही सोशल डिस्टेंशिंग में बाबा साहब डॉ. बीआर अंबेडकर को साक्षी मानकर बौद्ध पद्धति से संविधान का शपथ लेकर शादी संपन्न हुआ है। शिक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि बताया कि अपने भाई नागेन्द्र कुमार की शादी मांझी प्रखंड के मुबारकपुर निवासी मनोज राम की पुत्री उजाला कुमारी से हुई है। वर-वधु पक्ष की ओर से सरकार द्वारा लागू किये गये गाईडलाइन के अनुसार सोशल डिस्टेंशिंग का पालन करते हुए शादी की रश्म निभाई गई। जिसमें करीब 20 लोग हीं शामिल हुए। गांव में हुए इस तरह के अनोखी शादी की खुब चर्चा हो रही है। उन्होंने बताया कि बौद्ध भंते मानिकचन्द बौद्ध एवं विक्रमा बौद्ध ने बौद्ध रिति-रिवाज से संविधान का शपथ लेकर शादी संपन्न कराया गया और वर-वधु को संविधान की किताब भेंट के रूप में दिया गया। इस मौके पर पुरूषोतम कुमार, सुरेश कुमार, सुनेश कुमार सहित वर-वधु पक्ष के करीब 15 लोग शामिल हुए।


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