राष्ट्रनायक न्यूज।
छपरा (सारण)। उत्क्रमित मध्य विद्यालय लोहा छपरा के शिक्षक व नगरा के समन्वयक विजयेंद्र कुमार विजय कुछ दिन पहले कोरोना संक्रमित पाये गये थे। फिर भी वे अपनी हिम्मत नहीं हारी जानिए उन्होंने कैसे कोरोना को दी मात, सुनिए उनकी ही जुबानी। वे कहते है…… मन घबराता था पर लोगो के हौसले देने से हिम्मत बंघी रही विजयेंद्र विजय चार दिन तक तेज बुखार शरीर में काफी दर्द होता था चार दिनों तक बेचैनी लगी लेकिन पांचवें दिन बुखार नहीं आने पर मन को सुकून मिला खासी 10 दिन रही मन में बेचैनी घबराहट था, और लोगों के हौसले देने से हिम्मत बधी रही इस दौरान पत्नी निक्की सिंह भाई कुमार प्रणव शुभचिंतको व परिवार के लोगों का भरपूर साथ मिला शिक्षक मित्र सुनील सिंह एवं दोनों बहन बहनोई दिल्ली पटना एवं नेपाल से नियमित हाल चाल लेते रहें व्हाट्सएप ओर फेसबुक पर के मित्रों से भी बहुत ही लाभ प्राप्त हुआ इच्छा शक्ति एवं दृढ़ संकल्प के साथ मैं होम कोरानटाइन होकर नियमित दवाई गर्म पानी का सेवन किया आज भी कंवारंटाइन के दिन याद आते हैं तो मन सिहर उठता है उत्क्रमित मध्य विद्यालय लोहा छपरा के शिक्षक समन्वयक आदर्श मध्य विद्यालय खैरा नगरा के समन्वयक व विजयेंद्र कुमार विजय कोरोना की दूसरी लहर में पॉजिटिव मिले थे उन्होंने बताया कि संकुल के काम के दौरान ही उन्हें तेज बुखार आया था एपीएल हेल्थ केयर सेंटर के पास जांच करवाने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई इसके बाद वे होम कंवारंटाइश में रहने लगे पहले घबराहट हुई और परिवार के लोगों का साथ मिला कोविड- के रोकथाम जिला प्रशासन के स्तर पर चिन्हित स्पर्श आईसीयू हॉस्पिटल दहियावां टोला में डॉक्टर शशांक सिंह की देखरेख में इलाज चलाएं शिक्षक ने बताया कि पहली बार अनुभव हुआ कि डॉक्टर के रूप में डॉ शशांक सिंह भगवान मिले हैं डॉक्टर हमेशा सकारात्मक बात सोचने के लिए प्रेरित करते थे वीडियोकॉल एव खुद देख कर प्रेरित करते रहें इसका परिणाम भी काफी सुखद रहा अब सब ठीक है पूरी तरह से स्वस्थ हूं कहा कि होम कवारंटाइन में रहकर भी कोरोना को हराया जा सकता है बस जरूरत है समय पर दवा लेने व सतर्कता बरतनी कि उन्होंने बताया कि सर्वप्रथम अपने और अपनों को बचाने का प्रयास करना है घर में बुजुर्ग माता-पिता एवं छोटे बच्चे का डर हमेशा सताता था मेरे कारण वे कहीं संक्रमित ना हो जाए उन्होंने बताया कि 6 मई को मेरे संकुल संसाधन केंद्र मध्य विद्यालय खैरा के प्रधानाध्यापक कृष्ण कांत दास की मृत्यु का समाचार सुनकर बहुत ही पीड़ा और कष्ट का अनुभव हुआ मेरी अचानक उस दिन तबीयत खराब हो गई जिसमें बीपी बढ़ गया था डॉक्टर साहब ने धैर्य से काम लेने की सलाह दी और तत्काल मोबाइल और एफबी से दूर रहने के लिए कहा शिक्षक ने यह भी कहा कि उनके शुभचिंतक लगातार मोबाइल फोन के माध्यम से जल्द स्वस्थ होने की कामना किये है जिस कारण से भी अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं और कोरोना महामारी में शिक्षक व समाज का सेवा करने के लिए तत्पर हूँ।


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