डोरीगंज(सारण)। उत्तर बिहार की नदियों ने थोड़ी राहत दी तो बिहार में गंगा, सरयू, सोन नदियां चिंता बढ़ाने लगी हैं। प्रयाग से लेकर पटना तक गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। जिसके कारण सदर प्रखंड के दियारा व तटीए इलाके में पानी फैलना शुरू हो गया है। जिससे नदी तटियों इलाकों के लोगों में दहशत व्याप्त होने लगा है। जानकारी के अनुसार सदर प्रखंड के दियारा के रायपुर बिंदगांवा, कोट्टवापट्टी रामपुर , बड़हारा महाजी तथा मूसेपुर पंचायत के कुछ गाँवों का जिला मुख्यालय से संपर्क भंग हो गया है। प्रभावित इलाके के लोग पलायन करने के बारे मे सोचने लगे हैं।

फिलहाल सबसे अधिक चिंता सोन नदी को लेकर है। क्योंकि जिस तरह मध्य प्रदेश की विभिन्न नदियों मे उफान आयी हैं, वैसे में रिहान इंद्रपुरी आदि राज्यों से अगर पानी डिस्चार्ज किया जाता है तो स्थिति भयावह हो सकती है। वही चंबा नदी का पानी प्रयाग में रविवार की शाम को पहुंच गया था। यहां आने में उसे 2 दिन और लगेगा जिसका प्रभाव भी पड़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है की जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ को लेकर कोई उत्सुकता नहीं देख रही है।

चिरांद के दलित बस्ती में नदी का घुसा
तटीय इलाके के चिरांद पंचायत में दलित महादलित बस्ती के टोले में पानी प्रवेश कर गया है। यहां खंनुआ नाला के जाम होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। स्थानीय लोग बताते हैं कई दशक से इसकी उराही ही नहीं हुई। जिसे जल्द साफ सफाई नहीं कराया गया तो यहां भी स्थिति विस्फोटक हो सकती है। भैरोपुर निजामत डूंमरी आदि पंचायतों में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
इस संबंध में सदर अंचलाधिकारी सत्येंद्र सिंह ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए हर संभव तैयारी की जा रही है। संबंधित पंचायतों की स्थिति के बारे में आज के बैठक में वरीय पदाधिकारियों से अवगत करा कर हर संभव प्रयास किया जाएगा।



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