- धार्मिक न्यास की जमीनों की खरीद बिक्री गैर कानूनी
राष्ट्रनायक न्यूज।
छपरा (सारण)। श्री प्रमोद कुमार माननीय मंत्री विधि विभाग एवं गन्ना विकास विभाग की अध्यक्षता में प्रमंडलीय स्तरीय समीक्षात्मक बैठक समाहरणालय सभाकक्ष में आहूत की गयी। बैठक का विषय वस्तु बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद की परिसंपत्तियों का लेखा-जोखा संधारण करने से संबंधित था। बैठक को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री महोदय ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री बिहार नीतीश कुमार के दिशा- निर्देश में सभी तरह की भूमि का राज्य स्तरीय सर्वेक्षण करवाया जा रहा है। भूमि विवाद के कारण विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो रही है। इसके निराकरण हेतु सभी तरह के भूमियों का ब्योरा संकलित किया जा रहा है। इसी के अंतर्गत बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद की जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी भी एकत्रित की जा रही है।
सारण प्रमंडल अंतर्गत तीनों जिला के सभी तरह के धार्मिक संस्थानों के जमीनों का ब्योरा का प्रतिवेदन पर माननीय मंत्री महोदय ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह काफी सराहनीय प्रयास है। अब इसे और गहराई में जाकर परिस्कृत किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि यह सरकार की काफी महत्वाकांक्षी योजना है। इसके अंतर्गत सभी मंदिर, मठ, धार्मिक संस्थानों को बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अंतर्गत निबंधन कराने की आवश्यकता है। इससे उनकी संपत्ति संरक्षित व सुरक्षित रहेगी। बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद का गठन ही धार्मिक संस्थाओं की जमीनों को सुरक्षित रखने के लिए किया गया है।
माननीय मंत्री महोदय ने आयुक्त महोदया को प्रमंडल स्तर पर इसके लिए नोडल पदाधिकारी नामित करने को कहा। नोडल पदाधिकारी के अंतर्गत प्रमंडल के सभी अंचलाधिकारी, डी.सी.एल.आर एवं अनुमंडल पदाधिकारी रहेंगे। राष्ट्रपति, राज्यपाल एवं धार्मिक संस्थाओं के नाम से निबंधित जमीन सरकारी जमीन होती है। इसका खरीद और बिक्री करना गैर कानूनी है। वैसे सभी मठाधीषों को चेतावनी भी दी गयी जो धार्मिक संस्थानों की जमीन को गैरकानूनी ढंग से बिक्री करने का प्रयास करते है। धार्मिक संस्थाओं की जमीन को गलत ढ़ंग से रजिस्ट्री कराने वाले महंतो पर कार्रवाई करते हुए रजिस्ट्री को रद्द भी किये जाने का संकेत माननीय मंत्री महोदय ने दिया। धार्मिक संस्थानों के जमीनों का पूर्ण ब्योरा आम-जनों को जानकारी देने हेतु सार्वजनिक रुप से जिले एवं बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के पोर्टल पर रखा जाएगा।
इस संबंध में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष ने कानूनी बारीकी की जानकारी देते हुए उपस्थित पदाधिकारिगणों को कहा कि धार्मिक न्यास पर्षद से प्राप्त पत्रों पर संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई करें। सभी मंदिरों की चाहरदीवारी तत्काल करवाये जाने की आवष्यकता बतायी गयी। इस संबंध में प्रत्येक महीने माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा समीक्षात्मक बैठक किये जाने की भी जानकारी दी गयी। अंचलाधिकारियों को दाखिल खारिज के वक्त सतर्क रहने को भी कहा गया ताकि धार्मिक संस्थानों के जमीन का म्यूटेशन रोका जा सके।
जिलाधिकारी सारण डॉ निलेश रामचन्द्र देवरे के द्वारा अपने संबोधन में बताया गया कि इस संबंध में ब्यापक प्रचार-प्रसार किये जाने की आवष्यकता है ताकि आमजन को इस संबंध में जानकारी हो जाय कि धार्मिक संस्थानों की जमीन को खरीदना अथवा बेचना गैर कानूनी है। सरकारी स्तर पर भी जागरुकता की आवश्यकता की बात बताई गयी। आयुक्त महोदया ने अपने संबोधन में कहा कि यह पहल काफी साकारात्मक है, इस तरह की बैठक से जागरुकता अभियान को बल मिलता है, लोग जागरुक भी हो रहे है। इस संबंध में अपना सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि रजिस्टार के पास बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद सभी प्रतिबंधित जमीनों की सूची होनी चाहिए ताकि किसी भी परिस्थिति में धार्मिक संस्थानों की भूमि का रजिस्ट्री न हो सके।
बैठक में माननीय विधायक छपरा, तरैया एवं अखिलेश कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, माननीय सदस्यगण बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, आयुक्त सारण प्रमंडल, श्रीमती पूनम, जिलाधिकारी सारण, सिवान एवं गोपालगंज, अपर समाहत्र्ता सारण, सिवान, प्रमंडल के सभी अनुमंडल पदाधिकारीगण, डी.सी.एल.आर, जिला जन-सम्पर्क पदाधिकारी, सारण जिला के सभी अंचलाधिकारी एवं कृषि विभाग के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।



More Stories
मुख्यमंत्री का अमर्यादित हरकत और शर्मनाक समर्थन
छपरा सदर प्रखंड के महाराजगंज पंचायत भवन में होगा विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन
प्रत्येक गुरुवार को जिलाधिकारी उद्यमियों के साथ करेंगे संवाद, उनकी समस्याओं को दूर करने के लिये एवं उद्यम विकास के लिये किया जायेगा सक्रिय सहयोग