- अधिक उम्र के वृद्ध का आधार व अंगूली मैच नहीं होने पर बंद होगा पेंशन
छपरा(अरूण विद्रोही)। जिले में समाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन एवं 60 वर्ष से अधिक उम्र में पेंशनधारियों का बायोमेट्रिक तरीके से जीवन का प्रमाणीकरण किया जाएगा। इसको लेकर समाजिक सुरक्षा के निदेशक ने जिलाधिकारी को पत्र भेजा है, जिसके आलोक में जिलाधिकारी राजेश मीणा ने जिले के सभी पंचायतों में कैम्प लगाकर पेंशनधारियों का बायोमेट्रिक तरीके से जीवन को प्रमाणित करने का निर्देश दिया है। इसको लेकर प्रत्येक पंचायतों में कैम्प लगाया जाएगा। जिसमें एक कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं कार्यपालक सहायकों को प्रतिनियुक्त किया जाएगा। साथ हीं कॉमन सर्विस सेंटर पर भी जीवन के बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किया जाएगा। जिसके लिए पांच रूपये शुल्क निर्धारित किया गया है। डीएम ने जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को बायोमेट्रिक तरीके से जीवन प्रमाणीकरण को लेकर व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया है। साथ ही पंचायत के मुखिया, सरपंच सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के माध्यम से पेंशनधारियों तक सूचना पहूंचाने का निर्देश दिया है। ताकि पेंशनधारी कैम्प में आकर जीवन का प्रमाण पत्र प्राप्त कर सके।
मृत पेंशनधारी के खाते पैसा जाने से रोकने के लिए किया जा रहा बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण
जिले में मृत पेंशनधारियों के बैंक खाते में पेशन की राशि आंतरिक होने से रोकने को लेकर जीवन का प्रमाणीकरण किया जा रहा है। परंतु इसका सबसे अधिक प्रभाव अधिक उम्र के वृद्ध लोगों पर पड़ पड़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। अधिक उम्र होने के कारण अंगूलियों के निशान मिटने लगते है, जिससे पेंशनधारियों के अंगूलियों के निशान को स्केनर नहीं कर पायेगा, वहीं अधिक उम्र के कारण आंखों में भी खराबी आने लगती है, ऐसे में आई स्केनर भी बहुत हद तक कार्य नहीं करता है। इस सूरत में अधिक उम्र के वृद्ध पेंशनधारियों का पेंशन बंद होने का अनुमान है। जानकारों की माने तो पेंशनधारियों को पहले शिविर लगाकर हाथो-हाथ रूपये दिया जाता था, जिसमें पेंशनधारी शिविर में आकर रूपये प्राप्त करते थे। जिससे जीवन का प्रमाणीकरण हो जाता था। लेकिन अब पेंशनधारी के बैंक खाता को आधार से लिंक कर दिया गया है और पेंशन की राशि बैंक खाते में ही आंतरिक कर दी जा रही है। ऐसे में कौन पेंशनधारी जीवित है और कौन मृत हो गये है, इसका पता नहीं चल रहा है। इसलिए जीवित पेंशनधारी का आंकड़ा एकत्रित करने के लिए बायोमेट्रिक तरीके से जीवन का प्रमाणीकरण किया जाएगा। ताकि मृत पेंशनधारी के खाते में रूपये नहीं जा सके।
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में आधार कार्ड से होगा सत्यापन
सभी पेंशनधारियों का पेंशन आधार से लिंक किया गया है। ऐसे में जो व्यक्ति जीवित होंगे, उनका आधार संख्या एवं पेंशनधारी के अंगूलियों से सत्यापित किया जाएगा। जब आधार व अंगूली मैच करेगा तब ही पेंशनधारी के जीवन का प्रमाण पत्र निर्गत होगा।
अधिक उम्र के वृद्ध का आधार व अंगूली मैच नहीं होने पर बंद होगा पेंशन
बायोमेट्रिक तरीके से जीवन प्रमाणीकरण में अधिक उम्र के वृद्ध पेंशनधारियों का सत्यापन में काफी परेशानी हो सकती है। तकनीकी जानकारों की माने तो अधिक उम्र होने के बाद अंगूलियों के निशान घीसकर मिट जाते है। ऐसे में जब बायोमेट्रिक तरीके से प्रमाणीकरण के दौरान आधार और अगूलियां मैच नहीं करेंगे तो उनका प्रमाणीकरण नहीं होगा। जिससे उनका पेंशन बंद होने की संभावना है। साथ हीं अधिक उम्र के वृद्धजनों का आंख में खराबी आने लगती है, जिससे भी आई स्केन करने में परेशानी हो सकती है। फिलहाल प्रशासन पंचायतों में बायोमेट्रिक डिवाइस से ही अंगूलियों को स्केन कर आधार और पेंशन से मैच कराने के बाद ही पेंशनधारियों के जीवन का प्रमाणीकरण होगा। जिससे अधिक उम्र के वृद्ध पेंशनधारियों के जीवनयापन में काफी परेशानी हो सकती है। हालांकि प्रशासन पंचायत स्तरीय कैम्प में आई स्केनर लगाने से संबंधित कोई भी तैयारी नहीं की है।


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