राष्ट्रनायक न्यूज।
छपरा (सारण)। बीबी राम प्लस टू स्कूल नगरा में मंगलवार को गणित दिवस मनाया गया।इसमें गणित के शिक्षक नसीम अख्तर ने इस दिवस को मनाए जाने के कारण को छात्र-छात्राओं के बीच विस्तार रूप से बताया। उन्होंने कहा कि 22 दिसंबर 1887 को विश्वविख्यात भारत के महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का जन्म मद्रास (आज के तमिलनाडु) से लगभग 400 किलोमीटर दूर इरोड नगर में हुआ था। उन्हीं के जन्मदिन के शुभ अवसर पर प्रत्येक वर्ष 22 दिसंबर को राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया जाता है। छात्र-छात्राओं को श्रीनिवास रामानुजन के जीवनी के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका बचपन काफी मुश्किलों एवं संघर्षों में बीता हैं।क्षपरन्तु हमें याद रखनी चाहिए कि सफलता, सुविधा एवं संसाधनों की मोहताज नहीं होती। श्रीनिवास रामानुजन ने मात्र 13 वर्ष की अल्पायु में एस. एल. लॉनी की पुस्तक त्रिकोणमिति पर महारत हासिल कर बिना किसी की सहायता से खुद से कई प्रमेय विकसित किए। श्री अख्तर ने छात्र/छात्राओं को रामानुजन संख्या के बारे में परिचित कराते हुए बताया कि 1729 को रामानुजन संख्या कहा जाता हैं, क्योंकि यह विश्व की ऐसी एक मात्र संख्या हैं जो दो अलग अलग घनों के योग के रूप में लिखीं जा सकती हैं। इस मौके पर शिक्षक नसीम अख्तर ने छात्र छात्राओं को गणित के चुटकुले व प्रश्नों के बारे में बताते हुए हमारे दैनिक जीवन में गणित के उपयोग के बारे में भी बताया। प्रश्नों की बात करें तो सबसे छोटी विषम भाज्य संख्या कौन सी हैं। पांच अंको की कुल कितनी संख्याएं होती हैं। बराबर चिन्ह् का खोज किसने किया था। किसी एक भारतीय महिला गणितज्ञ के नाम बताएं। परफेक्ट नंबर क्या हैं? आदि को विस्तार पूर्वक समझाया।
इस मौके पर विद्यालय शिक्षक संतोष कुमार, सोनू कुमार, धर्मेंद्र पांडेय, प्रवीण कुमार एवं अनेक छात्र-छात्राएं मौजूद थे।


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