राष्ट्रनायक न्यूज।
छपरा (सारण)। सजग अभियान पैरेनिंटग कार्यक्रम के 15 संदेश पूरे होने के अवसर पर कमलाकांत त्रिवेदी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आई सी डी एस), सारण द्वारा महाचैपाल का आयोजन किया गया। जिसमें डीपीओ, सीएलआर प्रतिनिधि राजू कुमार, जिला अंतगर्त सभी सीडीपीओ, राष्ट्रीय पोषण मिशन के जिला समन्वयक, जिला परियोजना सहायक, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक सहित सभी महिला पर्यवेक्षिकाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर सजग ऑडियो कार्यक्रम की 16वीं कड़ी “फिर एक नजर” पर चर्चा की गयी। यह ऑडियो अभी तक पालकों तक पहुंचाए गये 15 ऑडियों संदेशो का दुहराव है। चैपाल के दौरान सभी प्रतिभागियों ने अलग अलग संदेशों से जुड़े अपने अनुभवों एवं पालकों में हो रहे बदलाव के बारे में विस्तार से चर्चा किया। अब तक भेजी गयी कड़ियो में “गुड़िया का समय”अनचाहा व्यवहार, पौधे, पानी और धूप एवं “कलह से शांति की ओर” कड़िया अभिभावकों को खूब पसंद आए है वो इन कड़ियो से मिली सीख जैसे कि बच्चों के साथ खेलना, समय बिताना, बच्चों के लालन पालन में पिता की भूमिका को अपने जीवन में उतारने का प्रयास भी कर रहे है। पिछले वर्ष कोरोना महामारी की स्थिति में बच्चों के विकास की प्रक्रिया निरंतर जारी रहें इस उद्देश्य से आईसीडीएस निदेशालय बिहार एवं सेंटर फॉर लर्निंग रिसोर्सेस के संयुक्त प्रयास से सितम्बर 2020 में सजग अभियान प्रारंभ किया गया।
हर 15 दिन में बच्चों के लालन-पालन से जुड़ी एक जरूरी जानकारी पर आधारित लगभग पांच मिनट के संदेश सीएलआर द्वारा तैयार किया जाते हैं। ये संदेश डायरेक्ट्रेट महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सभी जिलों के कार्यक्रम अधिकारियों को व्हाट्सएप के जरिए भेजा जाता है। जिसे वो अपने सीडीपीओ को और फिर सभी सीडीपीओ अपने पर्यवेक्षिकाओं को भेजते हैं। पर्यवेक्षिकाएं संदेश आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भेजती हैं। पोषण आहार वितरण, अन्नप्राशन एवं गृहभेंट के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पालकों के घरों में जाकर इन संदेशों को उन्हें सुनाकर जरूरी बातें समझाती हैं।
संदेश पर प्रत्येक स्तर (डीपीओ से लेकर सेविका) पर साझी समझ बन सकें इसलिए चैपाल का आयोजन किया जाता है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अपने सीडीपीओ की, सीडीपीओ अपने पर्यवेक्षिकाओं और पर्यवेक्षिकाएं अपनी कार्यकर्ताओं की समझ बनाने हेतु चैपाल करती हैं। इस तरह सभी स्तरों पर अमले के लोग एक दूसरे के अनुभव से सीख पाते हैं और कार्यकर्ता की समझ तैयार कर पाते हैं ताकि वो पालकों को बातें भली-भांति समझा सके। इस कार्यक्रम के जरिये छोटे बच्चों के लालन पालन से जुड़ी जरुरी बातों की जानकारी ऑडियो श्रृंखला के रूप में पालकों तक पहुंचायी जा रही है। जिससे माता-पिता को बच्चें के विकास में सहायक घर का वातावरण बनाने एवं बच्चों के भावी जीवन को गढने की क्षमता तैयार करने में खूब मदद मिल रही है। अब तक जिले में 4211. सेविकाओ द्वारा 42110 पालको तक सजग संदेश पहुंचाए गये है।


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