राष्ट्रनायक न्यूज।
बनियापुर (सारण)। नीजि क्लिनिक के डॉक्टर द्वारा प्रसव पीड़िता की ऑपरेशन के बाद मौत को लेकर परिजनों ने बवाल काटा है।मृत महिला के नाराज परिजन सोमवार की देर रात को शव के साथ थाने पहुंच गए। परिजन निजी क्लिनिक के डॉक्टर पर गतल ऑपरेशन करने तथा मरीज की खराब हालत के बाद भी जानकारी नहीं देने का आरोप लगा रहे थे। शव के साथ दर्जनों लोगों के थाने पहुंचने के बाद कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। पुलिस मृत महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल छपरा भेज दिया है।
मृतका के ससुर के बयान पर प्राथमिकी दर्ज:
मृतका के ससुर व थानाक्षेत्र के चतुर्भुज छपरा निवासी जलेश्वर साह के लिखित बयान पर डॉक्टर के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। दर्ज प्राथमिकी में मृतका के ससुर ने बताया गया है कि गत 27 जनवरी को गर्भावस्था में अपनी बहू निकेता को आयुष सेवा सदन बनियापुर लाये। जहाँ बगैर मुझसे पूछे मेरे बहु का ऑपरेशन कर दिया गया तथा चिकित्सक द्वारा मुझसे बताया गया कि दो बच्चा हुआ है और दोने स्वस्थ है। आपकी बहु को दो-चार घंटे में होश आ जायेगा। इस बीच चिकित्सक द्वारा 40 हजार रुपये भी जमा करवा लिया गया। मगर दूसरे दिन भी जब होश नही आया तो हमलोग पूछे कि होश क्यो नहीं आ रहा है तो डॉक्टर हमलोगों को सांत्वना देते हुए होश आने की बात कहते रहे और तीन दिन बाद एका-एक अपना पल्ला झाड़ते हुए बोले कि हमारे बस की बात नहीं है। मरीज को कही और ले जाइए। तब हमलोग अपनी बहू को लेकर आनन-फानन में छपरा के एक निजी अस्पताल में लाये। जहाँ डॉक्टर ने शरीर मे इंफेक्शन होने की बात कह रेफर कर दिया। जिसके बाद पटना के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया। जहाँ डॉक्टर ने गलत ऑपरेशन की वजह से पूरे शरीर मे इंफेक्शन फैलने की बात कह महिला का बचना मुश्किल होने की बात कही। काफी आरजू मिन्नत के बाद डॉक्टर ने इलाज शुरू किया।मगर इलाज के क्रम में 07 फरवरी को महिला की मौत हो गई। इस मामले को लेकर पीड़ित ने आयुष सेवा सदन बनियापुर के डॉक्टर व थाना क्षेत्र के डाढ़ीबाढ़ी निवासी मनोज कुमार पूरी को नामजद कर बहु की लापरवाही पूर्वक ऑपरेशन करने एवं गुमराह कर चार दिनों तक बेहोश करके के रखने और पूरे शरीर में इंफेक्शन की वजह से मृत्यु होने का आरोप लगाया है। सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की अनुसंधान में जुटी है।
पूर्व में भी हो चुकी है,इस तरह की घटना:
स्थानीय लोगों ने बताया कि बनियापुर के कई निजी चिकित्सालयो में पूर्व में भी इस तरह की घटना हो चुकी है।बगैर प्रशिक्षित और छोला छाप चिकित्सकों की लापरवाही से आये दिन इस तरह की घटना होती रहती है। मगर प्रशासनिक शिथिलता की वजह से इस तरह के निजी चिकित्सकों पर अबतक रोक नही लग पाई है।जिससे आये दिन लोगों को अपनी जान गवानी पड़ रही है।


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