पंकज कुमार सिंह। राष्ट्रनायक न्यूज।
मशरक (सारण)। सीएचसी में शनिवार को डिलीवरी के लिए भर्ती महिला को घंटो बाद बगैर डिलीवरी कराए लेबर रूम से स्वास्थकर्मियो ने बाहर निकाल निजी क्लीनिक भेज दिया। दर्द से कराहती महिला को कंधे से उठा पैदल अस्पताल से बाहर निजी क्लीनिक लेकर परिजन जाने के लिए निजी सवारी की खोज करने लगें मगर रात हो जाने के कारण कोई भी सवारी नही मिल पा रही थी। तभी मुख्य सड़क पर लाचार मरीज की हालत देख मशरक थाना पुलिस जमादार ओमप्रकाश यादव ने ऑटो रुकवाकर निजी अस्पताल भेजवाया। मामला मशरक के सरदार गंज गांव का है जितेंद्र राम के 22 वर्षीय पत्नी सरिता कुमारी को परिजन डिलीवरी के लिए मशरक सीएचसी में शनिवार को दिन में भर्ती कराए। महिला को शाम 7 बजे डॉक्टर संजय कुमार , नर्स निर्मला देवी एवम सीता देवी ने निजी क्लीनिक में जाने को कह बाहर निकाल दिया। अस्पताल से निजी क्लीनिक जाने के लिए ना एंबुलेंस मिला और ना ही अस्पताल कर्मियों ने परिजनो द्वारा निजी वाहन लाने का इंतजार कराया। लेबर रूम से बाहर पैदल ही कंधे का सहारा दे कराहती गर्भवती को परिजन लेकर जाने को विवश हो गए। इस संदर्भ में पूछे जाने पर मौजूद चिकित्सक ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया। जबकि फोन पर हेल्थ मैनेजर परवेज रजा ने बताया कि एंबुलेंस इमरजेंसी मरीज को लाने गया है। वही मरीज को एम्बुलेंस नही मिलने पर आर्मी कैंटीन संचालक रंजन कुमार सिंह ने शर्मनाक बताया।


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