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कीट का प्रबंधन नहीं होने पर फलों को नुकसान होने की बढ़ी संभावना, आम की फसलों में लगा फल छेदक कीट-व्याधी

छपरा(सारण)। आम की फसल पर फ्रूट बोरर यानी फल छेदक कीट का व्यापक प्रकोप देखा जा रहा है। आम के फलों में नमी होने की वजह से इस कीट का व्यापक प्रकोप देखा जा रहा है। समय से इस कीट का प्रबंधन नहीं होने पर फलों को नुकसान होने की अधिक संभावना है। ये कीड़ा लार्वा के रूप में दो सटे हुए आम के फलों पर लगता है। आम का जो भाग सटा हुआ होता है, उसे देखा जाता है। शुरुआत में ये किट आम के फल पर काला धब्बा जैसा दाग डाल देता है। यदि समय से इसकी रोकथाम नहीं की गई तो ये फल को छेद कर अंदर से सड़ा देता है, जो कुछ ही दिनों में गिर जाता है। इसे रेड बैंडेड मैंगो कैटरपिलर भी कहते है।

इस तरह करें कीट की पहचान

कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिक की माने तो रेड बैंडेड मैंगो कैटरपिलर यानी आरबीएसई एशिया के उष्णकटिबंधीय भागों में आम का एक महत्वपूर्ण कीट है। भारतवर्ष में इस कीट से 10 से 50 प्रतिशत के बीच हानि का आकलन किया गया है। यह कीट आम के लिए एक गंभीर खतरा है। किसान समय रहते इसका प्रबंधन कर किट से होने वाले नुकसान को निजात पा सकते हैं। कृषि विशेषज्ञ अर्जुन कुमार ने बताया कि आम का फल छेदक (बोरर) लाल पट्टी वाला छेदक (बोरर) आम का गुठली छेदक (बोरर) नामों से जाना जाता है। इस कीट के अंडे का आकार 0.45 x 0.7 मिमी, रंग दूधिया सफेद होता है। कीट का रंग 2 से 3 दिनों के बाद क्रिमसन रंग में बदल जाता है।जो दिखने में गुलाबी, बैगनी और काले सिर क्रीम रंग के होते हैं। लार्वा बढ़ते ही चमकते, गहरे लाल और सफेद रंग के बैंड के साथ चमकदार हो जाते हैं। इसके सिर के पास एक काला ‘कॉलर’ होता है। लंबाई में 2 सेमी तक बढ़ सकता है।