काश तुम चाहो मेरी तरह
मैं बन जाऊ तेरी तरह……
काश तुम इन्तजार करो मेरी तरह और
मैं ना आऊ तेरी तरह……
काश तुझे भी तकलीफ हो मेरी तरह और
मैं पत्थर बन जाऊ तेरी तरह
काश तुम भी तरसो मेरी तरह और……
मैं खामोश हो जाऊ तेरी तरह
काश तू भी जागे रातों को मेरी तरह और
मैं सो जाऊ तेरी तरह……
काश तू मेरे साथ को तरसे मेरी तरह और
मैं तन्हा तुझे कर जाऊ तेरी तरह……
काश तू मुझसे लिपट कर रोना चाहे मेरी तरह और
तुझे वक्त ही ना दूं मैं तेरी तरह …….
………..दिल की आवाज
लेखक- सोनम मेहता


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