- बनियापुर फीडर में 12 घण्टे तक बाधित रही बिधुत आपूर्ति।
- उमस भरी गर्मी में अंधेरे में रहकर रात काटने को विवश रहे उपभोगता।
संजय कुमार सिंह। राष्ट्रनायक न्यूज।
बनियापुर(सारण)। बनियापुर में बिधुत आपूर्ति मौसम के ऊपर निर्भर है।अगर मौसम साफ है,तो आपूर्ति होगी।अन्यथा हल्की आंधी-बारिश हुई तो घंटो बिजली गुल।कही शाम के समय या रात में मौषम खराब हुआ तो फिर अगले दिन ही बिधुत आपूर्ति बहाल होगी।ये कहना है,बिधुत उपभोगताओं का।बिधुत की लचर आपूर्ति को लेकर उपभोगता इन दिनों काफी परेशान है।आदित्य कुमार,अनमोल कुमार,बैभव सिंह,विक्की कुमार,धूमल परासर,महेश राम,पिन्टु रस्तोगी सहित दर्जनों उपभोगताओं ने बताया कि उमस भरी गर्मी में कभी 11 केवीय में तो कभी 33 केवीय में ब्रेकडाउन होने की वजह से घंटो बिधुत आपूर्ति बाधित होना बनियापुर की नियति बन गई है।ऐसे में नियमित रूप से बिधुत बहाल नही होने से रोजमर्रा के घरेलू कार्य भी अस्त-व्यस्त हो गए है।उपभोगताओ का कहना है कि बुधवार की शाम तेज हवा चलने की वजह से शाम 06 बजे बिजली गुल हुई।एक घन्टे बाद हवा तो थम गई।मगर रात भर बनियापुर फीडर में बिजली गुल रही।लगभग12 घंटे बाद गुरुवार की सुबह 06 बिधुत आपूर्ति बहाल हुई।जिसके बाद उपभोगताओं ने राहत की सांस ली।इस दौरान लोग एक अदद मोबाइल चार्ज करने को लेकर भी इधर-उधर भटकते रहे।ऐसे में बिधुत विभाग की ढुलमुल कार्यशैली को लेकर लोगों में काफी आक्रोश व्याप्त है।उपभोगताओं का कहना है की एक तरफ विभाग सूबे के सभी इलाको में चौबीसो घंटे बिजली प्रदान करने की दावा करती है, वही दूसरी तरफ बिजली की लचर आपूर्ति को लेकर सरकारी दावे खोखले साबित हो रहे है।जिसको लेकर दिनोंदिन लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी है।मालूम हो कि बिजली की समस्या से निजात दिलाने के लिये बनियापुर के कोल्लूआ स्थित पीएसएस में चैनपुर और एकमा दोनों ग्रिड से 33 केवीय की आपूर्ति की व्यवस्था है।बावजूद इसके एक साथ दोनों का ब्रेकडाउन होना कही न कही विभागीय कार्यशैली को दर्शाता है।इस सम्बन्ध में बिधुत एसडीओ धीरज सती से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आंधी-बारिश की वजह से 33 केवीय एवं11 केवीय में ब्रेकडाउन की वजह से आपूर्ति बनियापुर फीडर में रात में बंद रही।
प्यास लगी तो कुँआ खोदने वाली लोकोउक्ति को चरितार्थ करते है,बिधुत कर्मी।
उपभोगताओं की माने तो बनियापुर फीडर अंतर्गत दर्जनों जगहों से 11 केवीय का तार पेड़, बांस के बीचों-बीच से गुजरा है।डाल और पत्ती के तार के संपर्क में आने से ब्रेकडाउन की समस्या उतपन्न होती रहती है।जबकि बारिश और हवा में समस्या और बढ़ जाती है।बावजूद इसके तार को दुरुस्त करने के लिये डालियों की सफाई समय पर नही की जाती है।ब्रेकडाउन होने पर समस्या को ढूंढने में घण्टो समय लग जाता है।फॉल्ट मिल गया तो जहाँ फाल्ट है वहाँ पर साफ-सफाई कर येन-केन-प्रकरण बिधुत आपूर्ति शुरू कर मानव बल अपने कर्तब्यों की इतिश्री कर लेते है।फिर अगले दिन से वही समस्या बरकार रहती है।


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