संजय कुमार सिंह। राष्ट्रनायक न्यूज।
बनियापुर (सारण)। मॉनसून के यूटर्न लेने के बाद मौसम के तल्ख तेवर को देख किसान एक बार फिर अपने को बेवस और लाचार महशुस कर रहे है। बिगत एक सप्ताह से चिलचिलाती धूप एवं तपीश भरी गर्मी को देख किसानो का सब्र जवाब देने लगा है। काफी हिम्मत जुटाकर ख़र्च की परवाह किये बगैर किसानों ने और कड़ी मेहनत के बल पर पम्पिंग सेट चलाकर जैसे-तैसे धान का बिचड़ा डाला था। मगर अब मौसम प्रतिकूल होने की वजह से खेतो में दरारें पड़ने लगी है। जो किसानों के लिये परेशानी का सबब बना हुआ है। जुलाई माह में एक पखवाड़ा बीतने को है। मगर अबतक एक बार भी क्षेत्र में मूसलाधार बारिश नही हुई है। ऐसे में खेतों से नमी तेजी से गायब हो रही है।जिससे किसानो के माथे पर चिंता की लकीर खिंच गई है। अवध कुमार, संतोष राय, मनोरंजन कुमार, सुदामा ओझा, महेश राम सहित दर्जनों किसानो का कहना है की अबतक बिचड़ा तैयार नही हुआ है। जबकि मक्के की बुआई एक पखवाड़े पूर्व की गई है। मगर बारिस के अभाव में पौधे पीले पड़ने लगे है। इधर मौसम विभाग की माने तो अभी एक सप्ताह तक बारिश होने की कोई संभावना नही दिख रही है।
पौधों में नही हो रही है, बृद्धि:
मौसम अनुकूल होने की उम्मीद पर एक पखवाड़े पूर्व किसानो ने पम्पिंग सेट चलाकर धान का बिचड़ा डाला था। उम्मीद थी कि दो-चार दिनों के अंतराल पर हल्की- फुल्की बारिश होती रहेगी। जिससे बिचड़ा जल्द ही तैयार हो जाएगा। मगर मॉनसून के यूटर्न लेने से सारी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। आसमानी पानी नहीं होने से बिचरों में आशा के अनुरूप बृद्धि नहीं हो रही है। जबकि ज्यादातर पौधे पीले पड़ने लगे है। पानी के अभाव में खेतो में दरारें फट गई है। जिससे पौधों का विकास अवरुद्ध हो गया है। खेतो में पानी नहीं रहने से खरपतवार में भी तेजी से बृद्धि होने लगा है। जिससे किसानो की मुश्किलें और बढ़ गई है।बारिस के अभाव में अबतक महज पांच प्रतिशत किसानों ने ही धान की रोपनी की है। जबकि मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए 50 प्रतिशत से अधिक किसान मक्के की रोपाई नहीं कर सके है।



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