राष्ट्रनायक न्यूज।
मांझी (सारण)। मांझी प्रखंड क्षेत्र के भलुआ बुजुर्ग पंचायत के मुखिया दीपक मिश्रा एवं पंचायत चुनाव में उनके मुख्य प्रतिद्वंदी रहे राजू यादव के बीच जमकर हुई मारपीट। मारपीट में दो लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। जिन्हें आनन-फानन में मांझी पीएचसी लाया गया। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस अभिरक्षा में छपरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना सोमवार की देर संध्या की बताई जाती है। घटना की सूचना पाकर गांव में पहुँची मांझी थाना पुलिस को आक्रोशित लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति को अनियंत्रित होता देख पुलिस ने छपरा सदर सडीपीओ एमपी सिंह तथा एकमा के सर्किल इंस्पेक्टर को इसकी सूचना दी। सूचना पाकर पहुँचे पुलिस पदाधिकारी द्वय ने लोगों को समझा बुझाकर किसी तरह मामले को शांत कराया। बाद में स्थिति की गम्भीरता को देखते हुए प्रशासन ने छपरा पुलिस लाइन से पर्याप्त पुलिस बल को बुलाकर पुलिस पदाधिकारी की देखरेख गांव में तैनात कर दिया। उधर मांझी पीएचसी में इलाज कराने के उद्देश्य से पहुँचे मुखिया के भाई दिनेश मिश्रा तथा राजू यादव के दर्जनों समर्थक पीएचसी पहुँच गए। करीब एक घण्टे तक खुद इंस्पेक्टर बालेश्वर राय तथा प्रभारी थानाध्यक्ष राम विचार राम अन्य पुलिस बल के साथ जमे रहे ताकि समर्थक आपस में नही उलझें। बाद में पुलिस की निगरानी में दोनों घायलों को छपरा पहुँचाया गया। मंगलवार को दोनों पक्षों ने पुलिस को अलग अलग आवेदन देकर एक दूसरे पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। घायल राजू यादव ने कहा है कि आगामी 16 जुलाई को मांझी प्रखंड मुख्यालय पर प्रस्तावित माकपा के प्रदर्शन का प्रचार प्रसार उनके द्वारा किया जा रहा था। इसी दौरान मुखिया दीपक मिश्रा एवं राजू यादव के बीच कहासुनी होने लगी और बाद में जमकर मारपीट हो गई। जिसमें राजू यादव एवं दिनेश मिश्रा गंभीर रूप से जख्मी हो गए। मुखिया पक्ष द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि एक पिकअप पर पांच सात लोग सवार होकर आए और अचानक उनके घर पर हमला बोल दिया। जिसमें दिनेश मिश्रा उर्फ चंचल गंभीर रूप से जख्मी हो गए। जबकि दूसरे पक्ष राजू कुमार द्वारा कहा गया है कि वह घर से जा रहे थे तभी मुखिया दीपक मिश्रा अपने सहयोगियों के साथ एक स्कॉर्पियो में सवार चार पांच लोग आए और रास्ते से उठा कर अपने घर में बंधक बनाकर पिटाई करने लगे। जिस की जानकारी ग्रामीणों द्वारा पुलिस को दी गई पुलिस पहुंचकर उनके घर से छुड़ाकर मुझे मांझी हॉस्पिटल लाया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति गंभीर होने के कारण छपरा रेफर कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा है कि पंचायत में हो रहे लूट खसोट एवं भ्रष्टाचार के विरोध में होने वाले प्रदर्शन को लेकर नाराज मुखिया ने उक्त घटना को अंजाम दिया है। पुलिस दोनों तरफ के आवेदनों की जांच पड़ताल के बाद प्राथमिकी दर्ज करने की प्रकिया में जुटी हुई है।


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